Ranchi: सिविल कोर्ट रांची के अपर न्यायायुक्त 5 की अदालत ने व्यवसायी ज्ञानचंद्र प्रसाद अग्रवाल पर फायरिंग से जुड़े नौ साल पुराने मामले में आरोपी राहुल कुमार उर्फ राहुल कुमार सिंह को सबूतों के अभाव में बरी कर दिया। अदालत ने कहा कि अभियोजन पक्ष आरोप सिद्ध करने में पूरी तरह विफल रहा। घटना 30 मई 2016 की थी, जब अग्रवाल पर दो अज्ञात युवकों ने फायरिंग कर दी थी। घायल को रिम्स और फिर मेडिका अस्पताल में भर्ती कराया गया। मामला पहले अज्ञात आरोपियों के खिलाफ दर्ज हुआ था, लेकिन बाद में पुलिस जांच के आधार पर राहुल कुमार को आरोपी बनाया गया था।
अभियोजन पक्ष ने दावा किया कि फायरिंग व्यावसायिक प्रतिद्वंद्विता का परिणाम थी और अरविंद भाई पटेल द्वारा दी गई धमकियों का जिक्र भी गवाहों ने किया। सात गवाह पेश किए गए, लेकिन अदालत ने पाया कि किसी भी गवाह ने आरोपी की पहचान नहीं की। न तो टीआईपी कराई गई, न ही मुख्य जांच अधिकारी और डॉक्टर की गवाही अदालत में प्रस्तुत हुई। घटना स्थल से न तो खोखा या कारतूस बरामद हुआ और न ही जब्त कपड़ों की एफएसएल जांच कराई गई। जिसका लाभ आरोपी को मिला। इन गंभीर जांच कमियों और असंगत गवाहियों के आधार पर अदालत ने कहा कि आरोप संदेह से परे साबित नहीं हुए। परिणामस्वरूप, आरोपी राहुल कुमार को बरी कर दिया गया।
मामला:
30 मई 2016 को व्यवसायी ज्ञानचंद्र प्रसाद अग्रवाल पर दो अज्ञात युवकों ने फायरिंग की थी। घायल को पहले RIMS और बाद में मेडिका अस्पताल ले जाया गया। घटना को लेकर सुख़देव नगर थाना कांड संख्या 310/2016 दर्ज हुई थी। पुलिस जांच के बाद राहुल कुमार को 307/34, 120B IPC के तहत आरोपित किया गया।
अभियोजन का पक्ष:
सरकारी वकील ने तर्क दिया कि फायरिंग व्यावसायिक प्रतिद्वंद्विता का परिणाम थी और अरविंद भाई पटेल द्वारा लगातार धमकी देने की बात भी सामने आई। अभियोजन ने सात गवाह पेश किए।

