processApi - method not exist
Home high court news Principal: प्लस टू स्कूलों में प्रभारी प्राचार्य की नियुक्ति पर हाईकोर्ट की...

Principal: प्लस टू स्कूलों में प्रभारी प्राचार्य की नियुक्ति पर हाईकोर्ट की रोक, मुख्य सचिव से पूछा- कब तक बनेगी नीति

Ranchi: Principal झारखंड हाईकोर्ट (Jharkhand High Court) के जस्टिस डॉ एसएन पाठक की अदालत में प्लस टू स्कूलों में प्रभारी प्राचार्य बनाए जाने के आदेश के खिलाफ दाखिल कई याचिकाओं पर सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान अदालत ने मौखिक टिप्पणी करते हुए कहा कि राज्य में हर विभाग में महत्वपूर्ण पद प्रभारी के भरोसे है। जबकि इन पदों पर स्थाई नियुक्ति की जानी चाहिए।

इसके बाद अदालत ने राज्य के मुख्य सचिव से जवाब मांगा है। अदालत ने उनसे पूछा है कि कब तक प्लस टू स्कूलों में प्राचार्य की स्थाई नियुक्ति के लिए नियमावली बनाई जाएगी। इसकी स्पष्ट जानकारी शपथ पत्र के माध्यम से अदालत में दाखिल की जाए। तब तक प्लस टू स्कूलों में नए प्रभारी प्राचार्य की नियुक्ति पर रोक रहेगी।

इस मामले में अगली सुनवाई 29 नवंबर को सुनवाई होगी। इसको लेकर अनिता कुमारी व 15 अन्य की ओर से सरकार के आदेश के खिलाफ याचिका दाखिल की गई है। सुनवाई के दौरान अधिवक्ता मनोज टंडन ने अदालत को बताया कि हाई स्कूल में एक नियमावली के तहत प्रभारी प्राचार्य की नियुक्ति की गई थी। लेकिन राज्य सरकार ने हाई स्कूल को अपग्रेड कर प्लस टू स्कूल बना दिया।

इसे भी पढ़ेंः Heavies Corpus: हाईकोर्ट के अधिवक्ता रजनीश वर्धन को बिना कारण बताए पटना पुलिस उठा ले गई, पत्नी ने दाखिल की हैवियस कॉर्पस याचिका

अपग्रेड होने के बाद सरकार ने प्लस टू के शिक्षकों को ही उस स्कूल का प्रभारी प्राचार्य बनाने का निर्णय लिया और एक आदेश जारी किया गया, जो कि बिल्कुल गलत है। अदालत को बताया गया कि जब नियमावली के तहत हाई स्कूल के शिक्षक को प्रभारी प्राचार्य बनाया गया था, तो उक्त नियमावली को किसी सरकारी आदेश से नहीं बदला जा सकता है। ऐसा करना असंवैधानिक है। इसलिए उक्त आदेश को निरस्त किया जाए।

अदालत को यह भी बताया गया कि सरकार के कई महत्वपूर्ण पद प्रभारी के भरोसे चल रहे हैं, जो कि सुप्रीम कोर्ट के आदेशों का उल्लंघन है। इस पर अदालत ने कहा कि कई मामलों में सुनवाई के दौरान पता चला है कि लगभग हर विभाग में महत्वपूर्ण पद प्रभारी के भरोसे हैं। ऐसे में सरकार को इन पदों पर स्थाई नियुक्ति के लिए एक नीति बनानी चाहिए। इसके बाद अदालत ने मुख्य सचिव से इससे संबंधित नीति बनाने के बारे में जानकारी मांगी है।

RELATED ARTICLES

Jharkhand High Court decision: निर्वाचन सेवा के पदाधिकारी माने जाएंगे राज्य प्रशासनिक सेवा के अधिकारी

Ranchi: Jharkhand High Court decision झारखंड हाईकोर्ट ने अहम फैसला सुनाते हुए कहा कि राज्य विभाजन के समय निर्वाचन सेवा में आए...

Road dispute: हाईकोर्ट ने वकील के घर के सामने चारदीवारी बनाने पर रांची एसएसपी को किया तलब

Ranchi: Road dispute झारखंड हाईकोर्ट ने डोरंडा के गौरीशंकर नगर में रहने वाले वकील अमरेंद्र प्रधान की याचिका पर सुनवाई करते हुए...

SDO promotion: हाईकोर्ट ने कहा- प्रोन्नति पर लगी रोक वापस नहीं ली गई, तो मुख्य सचिव कोर्ट में होंगे हाजिर

Ranchi: Jharkhand High Court: झारखंड हाई कोर्ट में सोमवार को डिप्टी कलेक्टर से एसडीओ (SDO promotion) के पद पर प्रोन्नति की अनुशंसा...

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Most Popular

Court News: बेटा होने पर शराब पार्टी के लिए पैसे नहीं देने पर टांगी से काटकर कर दी थी हत्या, तीन को आजीवन कारावास

Ranchi: Court News झारखंड के कोडरमा सिविल कोर्ट ने अमित हत्याकांड फैसला सुनाया है। अदालत ने टांगी से काट कर अमित की...

Scam: कृषि विभाग के प्रमुख अभियंता राघवेंद्र सिंह ने कोर्ट में किया सरेंडर

Ranchi: Scam वित्तीय अनियमितता के आरोपी कृषि विभाग के प्रमुख अभियंता राघवेंद्र सिंह ने रांची के एसीबी के विशेष अदालत में आत्मसमर्पण...

Mediation: रिश्तों की कड़वाहट खत्म हुई, जब आमने-सामने बैठे पति-पत्नी; अब जीवनभर रहेंगे साथ-साथ

Ranchi: Mediation रांची सिविल कोर्ट के मध्यस्थता केंद्र में विशेष मध्यस्थता अभियान चलाया गया। इस दौरान रिश्तों की कड़वाहट को भुलाकर तीन...

Jharkhand High Court decision: निर्वाचन सेवा के पदाधिकारी माने जाएंगे राज्य प्रशासनिक सेवा के अधिकारी

Ranchi: Jharkhand High Court decision झारखंड हाईकोर्ट ने अहम फैसला सुनाते हुए कहा कि राज्य विभाजन के समय निर्वाचन सेवा में आए...