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पुरानी पेंशनः हाईकोर्ट ने पूछा- एक ही विज्ञापन से नियुक्त प्राथमिक शिक्षकों को अलग-अलग पेंशन क्यों

Devesh Ananad
By Devesh Ananad On 28 Jul, 2021
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Jharkhand High Court
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Ranchi: झारखंड हाईकोर्ट के जस्टिस आनंद सेन की अदालत में प्राथमिक शिक्षक की ओर से पुरानी पेंशन की मांग को लेकर दाखिल याचिका पर सुनवाई हुई। सुनवाई के बाद अदालत ने राज्य सरकार से तीन सप्ताह में जवाब मांगा है। अदालत ने सरकार को यह बताने को कहा है कि जब एक ही विज्ञापन से नियुक्ति की गई तो कुछ शिक्षकों को पुरानी और कुछ और नई पेंशन क्यों दी जा रही है।

सुनवाई के दौरान वादियों की ओर से अदालत को बताया गया कि 2002 में प्राथमिक शिक्षक नियुक्ति के लिए झारखंड लोक सेवा आयोग ने विज्ञापन निकाला था। उस विज्ञापन में कुछ अभ्यर्थियों की नियुक्ति 2003 में की गई थी। लेकिन कुछ की नियुक्ति उसके बाद 2005 की गई थी। वहीं, वर्ष 2004 में नई पेंशन योजना लागू कर दिया गया था। लेकिन यह विज्ञापन नई पेंशन योजना से पहले का है। इसलिए उस विज्ञापन के तहत नियुक्त सभी को पुरानी पेंशन की लाभ दी जाए।

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सुनवाई के बाद अदालत ने राज्य सरकार को जवाब पेश करने को कहा है। बता दें कि वादी उषा यादव ने पुरानी पेंशन की मांग को लेकर हाई कोर्ट में याचिका दाखिल की है। इस मामले में आयोग की ओर से अधिवक्ता संजय पिपरवाल और प्रिंस कुमार सिंह ने पक्ष रखा। अदालत ने इस मामले की अगली सुनवाई के लिए 17 अगस्त की तारीख निर्धारित की है।

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देवेश आनंद को पत्रकारिता जगत का 15 सालों का अनुभव है। इन्होंने कई प्रतिष्ठित मीडिया संस्थान में काम किया है। अब वह इस वेबसाइट से जुड़े हैं।

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