जमीन विवादः सांसद निशिकांत दुबे की पत्नी अनामिका गौतम को राहत बरकरार, सरकार ने जवाब के लिए मांगा समय

झारखंड हाईकोर्ट के जस्टिस राजेश शंकर की अदालत में सांसद निशिकांत दुबे की पत्नी अनामिका गौतम द्वारा देवघर में खरीदी गई जमीन के निबंधन को रद करने की कार्यवाही के मामले में सुनवाई हुई।

255
anamika_gautam_wife_of_nishikant_dubey

रांचीः झारखंड हाईकोर्ट के जस्टिस राजेश शंकर की अदालत में सांसद निशिकांत दुबे की पत्नी अनामिका गौतम द्वारा देवघर में खरीदी गई जमीन के निबंधन को रद करने की कार्यवाही के मामले में सुनवाई हुई। इस दौरान सरकार की ओर से जवाब दाखिल करने के लिए समय की मांग की गई जिसे अदालत ने स्वीकार कर लिया।

अदालत ने कहा कि अगर प्रार्थी सरकार के जवाब रिजवाइंर दाखिल करना चाहते हैं, तो कर सकते है।
हालांकि अदालत ने अनामिका गौतम को दी गई अंतरिम राहत को बरकरार रखा है। इस मामले में अब दस जून को सुनवाई होगी। दरअसल, हाई कोर्ट इस तरह के कई मामलों को एक साथ टैग कर सुनवाई कर रहा है।

इसमें कई मामलों में राज्य सरकार की ओर जवाब दाखिल नहीं किया गया है। इसी लिए सरकार की ओर से समय मांगा गया। बता दें कि अनामिका गौतम की ओर से धन्यभूति फर्म के नाम पर देवघर के देवीपुर में जमीन खरीदी गई है। देवघर डीसी ने उक्त जमीन को बिकाऊ नहीं बताते हुए निबंधन को रद करने की कार्यवाही शुरू कर दी है, जिसे हाईकोर्ट में चुनौती दी गई है।

इसे भी पढ़ेंः अब नहीं होगा जलाशयों के आसपास निर्माण व अतिक्रमण, हाईकोर्ट ने इसे रोकने के लिए रांची डीसी और नगर आयुक्त को दिया आदेश

पिछली सुनवाई के दौरान अनामिका गौतम की ओर से अधिवक्ता प्रशांत पल्लव ने अदालत को बताया कि नियमानुसार जमीन का निबंधन रद करने का अधिकार रजिस्टर सह उपायुक्त को नहीं है। लेकिन निबंधन रद करने की कार्यवाही की जा रही हैं।

इस पर अदालत ने राज्य सरकार से पूछा कि उपायुक्त किस प्रावधान के तहत ऐसा कर रहे हैं। क्या उनको जमीन के निबंधन रद करने का अधिकार है। सरकार की ओर से इस मामले में जवाब दाखिल किया जाएगा।