Jharkhand

जानिए क्यों हाईकोर्ट ने कहा कि रांची के अपर बाजार को बंद कर देना चाहिए

Devesh Ananad
By Devesh Ananad On 18 Feb, 2021
1 min read • 1.2k views
WhatsApp Group Join Now
Telegram Group Join Now
high court of jharkhand
WhatsApp Group Join Now
Telegram Group Join Now

रांची झारखंड हाईकोर्ट ने अपर बाजार को अतिक्रमण मुक्त करने वाली जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए नगर निगम के खिलाफ सख्त टिप्पणी की। अदालत ने मौखिक कहा कि यदि अपर बाजार में फायर ब्रिगेड के वाहन नहीं पहुंच सकते तो बाजार को बंद कर दें।

यह तय करना होगा कि अपर बाजार में फायर ब्रिगेड के वाहन सुगमता से पहुंच सके। यदि ऐसा नहीं हो सकता तो इतनी बड़ी आबादी को अपने हाल पर नहीं छोड़ा जा सकता।

सेंटर फॉर आरटीआई के पंकज यादव की जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए चीफ जस्टिस डॉ रवि रंजन और जस्टिस एसएन प्रसाद की अदालत ने नगर निगम को तीन सप्ताह में पूरी रिपोर्ट अदालत में पेश करने का निर्देश दिया।

गुरुवार को सुनवाई के दौरान प्रार्थी की ओर से बताया गया कि अपर बाजार में अतिक्रमण किया गया है। बिना नक्शे के भवन और व्यावसायिक प्रतिष्ठान का निर्माण किया गया है। बेसमेंट में दुकानें चल रही हैं, जिसके चलते पार्किंग की व्यवस्था नहीं है।

See also  कहीं जमानत से पहले लालू प्रसाद को जाना न पडे़ होटवार जेल, जानिए पूरा मामला

इसे भी पढ़ेंः लालू यादवः सीबीआई ने नहीं रोका रास्ता तो लालू प्रसाद होंगे जेल से बाहर, कल अदालत सुना सकती है फैसला

सड़क वाहन खड़ा करने की वजह से पूरे अपर बाजार में जाम लगता है। सडकें इतनी सकरी है कि यहां फायर ब्रिगेड के वाहन नहीं पहुंच सकते। यदि कोई बड़ा हादसा होता है तो यहां जानमाल का काफी नुकसान हो सकता है।

नगर निगम की ओर से बताया गया कि अपर बाजार के 352 लोगों को नोटिस दिया गया है। अपर बाजार में बने भवन काफी पुराने हैं। शहर में अतिक्रमण करने वाले और सड़क पर कचरा फेकने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है।

इसके लिए नगर निगम ने एक नंबर जारी किया है। इस नंबर पर जानकारी मिलने के बाद निगम कार्रवाई करता है। इस पर अदालत ने कहा कि ऐसा कर रहे हैं,तो अच्छा है इससे अदालत को खास मतलब नहीं है।

See also  सुप्रीम कोर्ट ने सार्जेंट मेजर की बहाली के हाईकोर्ट के आदेश को बताया सही, सरकार की एसएलपी खारिज

अदालत ने नगर निगम के अधिवक्ता से पूछा कि क्या अपर बाजार में किसी भी स्थान पर फायर ब्रिगेड के वाहन आसानी से पहुंच सकते हैं। अधिवक्ता के न कहने पर अदालत ने कहा कि यदि फायर ब्रिगेड के वाहन नहीं पहुंच सकते तो भी बाजार भी नहीं रह सकता।

सुनवाई के दौरान अदालत को बताया गया कि हरेराम लखोटिया की ओर से जनहित याचिका दाखिल की गई थी। इसमें आरआरडीए के अधिकारियों पर नियमों का उल्लंघन कर व्यावसायिक प्रतिष्ठानों सहित भवनों का नक्शा पास करने का आरोप लगाया गया था।

हाईकोर्ट ने इस मामले की सीबीआइ जांच का आदेश भी दिया था। इसके बाद अदालत ने अगली तिथि को इस याचिका को भी एक साथ सूचीबद्ध करने का निर्देश दिया।

WhatsApp Group Join Now
Telegram Group Join Now
Devesh Ananad

Devesh Ananad

देवेश आनंद को पत्रकारिता जगत का 15 सालों का अनुभव है। इन्होंने कई प्रतिष्ठित मीडिया संस्थान में काम किया है। अब वह इस वेबसाइट से जुड़े हैं।

Leave a Comment