Ranchi News: झारखंड में शराब आपूर्ति से जुड़े कथित अनियमितताओं के मामले में एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) की विशेष अदालत ने आरोपी राजेंद्र प्रसाद जायसवाल उर्फ चुन्नू जायसवाल की नियमित जमानत याचिका खारिज कर दी है। यह आदेश सिविल कोर्ट रांची के एसीबी के विशेष न्यायाधीश ओंकार नाथ चौधरी की अदालत ने पारित किया। राजेंद्र प्रसाद जायसवाल एसीबी रांची थाना कांड संख्या 09/2025 में 14 नवंबर 2025 से न्यायिक हिरासत में हैं। उनके खिलाफ बीएनएस की विभिन्न धाराओं के साथ-साथ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है।
फर्जी बैंक गारंटी से शुरू हुआ मामला
अदालत को बताया गया कि यह मामला झारखंड स्टेट बेवरेज कॉरपोरेशन लिमिटेड (JSBCL) से जुड़ा है। वर्ष 2023 में कॉरपोरेशन द्वारा नियुक्त दो प्लेसमेंट एजेंसियों ने बैंक गारंटी जमा की थी, जो बाद में जांच में फर्जी पाई गई। इसी आधार पर एसीबी ने प्राथमिकी दर्ज की थी, जिसमें कई सरकारी अधिकारी और निजी संस्थाएं आरोपी बनाए गए हैं। जांच के दौरान एसीबी ने दावा किया कि आरोपी राजेंद्र प्रसाद जायसवाल, वेलकम डिस्टिलरीज प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक हैं और उनकी कंपनी के जरिए झारखंड में देशी शराब की आपूर्ति की गई। आरोप है कि यह आपूर्ति निर्धारित नियमों और प्रक्रियाओं के विपरीत हुई।
बचाव पक्ष के अधिवक्ता ने अदालत में कहा कि आरोपी निर्दोष हैं और उनका प्लेसमेंट एजेंसियों से कोई व्यावसायिक या वित्तीय संबंध नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि आरोपी को बिना वारंट के गिरफ्तार किया गया और वह जांच में सहयोग करने को तैयार हैं। स्वास्थ्य कारणों का भी हवाला देते हुए जमानत की मांग की गई।
जांच एजेंसी ने जमानत का किया विरोध
एसीबी की ओर से कहा गया कि आरोपी ने जांच में सहयोग नहीं किया और नोटिस के बावजूद उपस्थित नहीं हुए। साथ ही, मामले की जांच अभी जारी है और रिहा किए जाने पर साक्ष्यों के प्रभावित होने की आशंका है। अदालत ने कहा कि मामले में आर्थिक अनियमितताओं के गंभीर आरोप हैं, जांच अभी पूरी नहीं हुई है और रिकॉर्ड पर प्रथम दृष्टया सामग्री उपलब्ध है। इन परिस्थितियों में आरोपी को जमानत देना उचित नहीं होगा। इसके साथ ही अदालत ने जमानत याचिका खारिज कर दी।

