Ranchi: झारखंड हाई कोर्ट ने अनुकंपा नियुक्ति से जुड़े एक महत्वपूर्ण मामले में सेंट्रल कोलफील्ड्स लिमिटेड (सीसीएल) को मृत कोयला कर्मी की अविवाहित बहन को नियुक्ति देने का निर्देश दिया है।
जस्टिस दीपक रोशन की अदालत ने कहा कोल कंपनियों के प्रावधान में संशोधन के बाद अविवाहित बहन को भी आश्रित की श्रेणी में शामिल किया गया है। ऐसे में यदि संशोधन प्रभावी होने के बाद निर्धारित अवधि के भीतर अनुकंपा नियुक्ति के लिए आवेदन किया गया है, तो केवल इस आधार पर नियुक्ति से इनकार नहीं किया जा सकता कि कर्मचारी की मृत्यु संशोधन से पहले हुई थी।
6 सप्ताह में नियुक्ति दे सीसीएल
अदालत ने अनिता देवी और स्मृति कुमारी की ओर से दाखिल याचिका पर सुनवाई करते हुए सीसीएल के 22 मई 2024, 22 अगस्त 2024 और 19 मार्च 2025 के आदेशों को रद्द कर दिया। साथ ही सीसीएल को निर्देश दिया कि याचिकाकर्ता स्मृति कुमारी को छह सप्ताह के भीतर नियुक्ति पत्र जारी किया जाए।
18 माह की अवधि में किया था आवेदन
मामला सीसीएल कर्मी अंशु उरांव की मृत्यु से जुड़ा है। अंशु उरांव की सेवा के दौरान तीन अगस्त 2023 को मृत्यु हो गई थी। उनकी मां अनिता देवी ने 20 दिसंबर 2023 को अपनी बेटी स्मृति कुमारी के लिए (एनसीडब्ल्यूए-XI के क्लॉज 9.3.0 के तहत) अनुकंपा नियुक्ति का आवेदन किया था। सीसीएल ने उस समय यह कहते हुए आवेदन खारिज कर दिया था कि अविवाहित बहन को आश्रित की श्रेणी में शामिल करने का प्रावधान नहीं है।
इसके बाद 11 जून 2024 को जेबीसीसीआई की स्टैंडर्डाइजेशन कमेटी ने आश्रित की परिभाषा में संशोधन किया। इसमें अविवाहित बहन को भी आश्रित की श्रेणी में शामिल किया गया। संशोधन के बाद स्मृति कुमारी की ओर से 18 जून 2024 को दोबारा आवेदन किया गया। इसके बाद 24 जुलाई 2024 को भी आवेदन दिया गया।
संशोधन के बाद आवेदन पर करना होगा विचार
सीसीएल ने दोबारा दावा खारिज करते हुए कहा कि अंशु उरांव की मृत्यु तीन अगस्त 2023 को हुई थी, जबकि अविवाहित बहन को आश्रित की श्रेणी में 11 जून 2024 को शामिल किया गया। सीसीएल के इस निर्णय को अपीलीय स्तर पर भी बरकरार रखा गया था।
हाईकोर्ट ने कहा कि संशोधन 11 जून 2024 से प्रभावी हुआ और उसी तारीख से यह एनसीडब्ल्यूए-XI का हिस्सा बन गया। इसलिए यदि अनुकंपा नियुक्ति के लिए आवेदन निर्धारित 18 माह की अवधि के भीतर किया गया है और आवेदन के समय संशोधित प्रावधान प्रभावी हो चुका था, तो उस आवेदन पर संशोधित प्रावधान के तहत विचार किया जाना चाहिए।
अदालत ने पाया कि स्मृति कुमारी ने 18 जून 2024 को आवेदन किया था, जो अंशु उरांव की मृत्यु की तारीख से निर्धारित 18 माह की अवधि के भीतर था। इसलिए केवल कर्मचारी की मृत्यु संशोधन से पहले होने के आधार पर नियुक्ति से इनकार करना उचित नहीं था। अदालत ने सीसीएल को छह सप्ताह के भीतर नियुक्ति पत्र जारी करने का निर्देश दिया।

