ईसीएल ने अपने कर्मी को दो साल पहले कर दिया रिटायर, जवाब नहीं देने पर हाई कोर्ट ने लगाया 25 हजार का जुर्माना

जस्टिस डॉ एसएन पाठक की अदालत ने शपथ पत्र दाखिल करने में दाे साल देरी करने पर ईसीएल पर 25 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया। अदालत ने ईसीएल के डायरेक्टर पर्सनल काे अगली सुनवाई में शपथ पत्र के साथ पेश हाेने का आदेश दिया है।

रांचीः झारखंड हाईकोर्ट के जस्टिस डॉ एसएन पाठक की अदालत ने शपथ पत्र दाखिल करने में दाे साल देरी करने पर ईसीएल पर 25 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया। अदालत ने ईसीएल के डायरेक्टर पर्सनल काे अगली सुनवाई में शपथ पत्र के साथ पेश हाेने का आदेश दिया है।

इस संबंध में विनाेद कुमार झा हाई कोर्ट में याचिका दाखिल की थी। इसमें कहा गया है कि ईसीएल के डंपर कर्मी विनाेद कुमार झा काे समय से पहले रिटायर कर दिया गया है। सर्टिफिकेट में साल 1957 जन्म तिथि है, लेकिन इसीएल के सर्विस बुक में साल 1953 है।

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प्रार्थी के अधिवक्ता दिवाकर उपाधायाय ने बताया कि इस मामले में पूर्व में सुनवाई के दौरान काेर्ट ने ईसीएल काे आदेश दिया था कि सर्टिफिकेट में दर्ज जन्म तिथि काे माना जाए। लेकिन कोर्ट के आदेश नहीं मानते हुए वर्ष 2012 में डंपर कर्मी काे रिटायर कर दिया गया।

इसके बाद वर्ष 2019 में प्रार्थी ने हाई कोर्ट में याचिका दाखिल की। लेकिन दाे साल बाद भी ईसीएल की ने कोई जवाब नहीं दाखिल किया काेर्ट ने डायरेक्टर पर्सनल काे पेश हाेने का आदेश देते हुए ईसीएल पर 25 हजार का जुर्माना लगाया है। इस मामले में अगली सुनवाई दाे सप्ताह बाद हाेगी।

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