Ranchi News: शादी का झांसा देकर यौन शोषण करने के आरोप में ट्रायल का सामना कर रहे विक्की साहू को अपर न्यायायुक्त अरविन्द कुमार-2 की अदालत ने सबूतों के अभाव में बरी कर दिया है। 8 साल पुराने इस मामले में सुनवाई के दौरान अदालत ने पाया कि अभियोजन पक्ष आरोपी पर लगे आरोपों को साबित करने में सक्षम नहीं रहा। जानकारी के अनुसार, मामला 2011 से शुरू हुआ था। अभियोजन का दावा था कि विक्की साहू ने पीड़िता को विवाह का झांसा देकर उसके साथ यौन संबंध बनाए। 2017 में आरोपी ने दूसरी लड़की से विवाह किया और इसके बाद पीड़िता पर शादी के लिए दबाव बनाया। आरोप है कि उसने पीड़िता को जबरदस्ती यौन संबंध बनाने के लिए मजबूर किया और उसका विवाह रद्द कराने की कोशिश की।
पीड़िता ने साल 2018 में महिला थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। इसके बाद मामले की जांच और ट्रायल लंबी प्रक्रिया के बाद पूरा हुआ। अदालत ने सुनवाई के दौरान स्पष्ट किया कि अभियोजन ने मामले में पर्याप्त सबूत प्रस्तुत नहीं किए। बचाव पक्ष के वकील प्रितांशु कुमार सिंह ने बहस करते हुए अदालत को बताया कि आरोपी के खिलाफ आरोप केवल संदेह और आरोप-प्रत्यारोप पर आधारित हैं। अदालत ने इस आधार पर विक्की साहू को बरी कर दिया।