सैनिक मार्केट के निदेशक की नियुक्ति को हाई कोर्ट में दी गई चुनौती, वित्तीय अनियमितता का भी लगा आरोप

रांची के मेन रोड स्थित सैनिक मार्केट के संचालन के लिए बने सैनिक कल्याण निदेशालय के निदेशक वीजी पाठक की नियुक्ति को गलत बताते हुए झारखंड हाई कोर्ट में याचिका दाखिल की गई है।

Ranchi: रांची के मेन रोड स्थित सैनिक मार्केट के संचालन के लिए बने सैनिक कल्याण निदेशालय के निदेशक वीजी पाठक की नियुक्ति को गलत बताते हुए झारखंड हाई कोर्ट में याचिका दाखिल की गई है। कर्नल पीके सिंह की ओर से दाखिल याचिका में कहा गया है कि वीजी पाठक पांच साल का कार्यकाल पूरा होने के बाद भी नियमों की अनदेखी करते हुए पद पर बने हुए हैं। नियमानुसार किसी भी हाल में सेवा विस्तार नहीं दिया जा है।

वीजी पाठक का कार्यकाल सितंबर 2020 में समाप्त हो गया था, लेकिन उन्होंने अधिकारियों से मिलीभगत कर मार्च तक सेवा विस्तार ले लिया है। याचिका में उन्हें निदेशक पद से हटाने की मांग की गई है। याचिका में यह भी कहा गया है कि निदेशक की नियुक्ति के लिए लगभग छह माह पहले विज्ञापन जारी किया गया है, लेकिन वीजी पाठक मिलीभगत कर नई नियुक्ति नहीं होने दे रहे हैं।

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निदेशक वीजी पाठक को हटाने की मांग के अलावा दुकानों के किराए में वित्तीय अनियमितता का भी मुद्दा उठाया गया है। यह भी कहा गया है कि निदेशालय में कई ऐसे कर्मी हैं, जो वर्षों से यहां पर जमे हुए हैं। इनकी मिलीभगत से मार्केट के संचालन में गड़बड़ी की जा रही है। पीके सिंह की याचिका में सैनिक मार्केट का अभी तक नक्शा पास नहीं होने की भी जानकारी अदालत को दी गई है।

कहा गया है कि संयुक्त बिहार के दौरान सैनिक मार्केट का निर्माण 1988-89 में हुआ था। उस दौरान नक्शा पास नहीं हुआ था। इसके बाद वर्ष 2011 में तत्कालीन आरआरडीए के अध्यक्ष सह उपायुक्त केके सोन ने एक आदेश जारी करते हुए कहा कि ऐसे सभी सरकारी भवन, जिनका नक्शा पास नहीं हुआ है। वे नगर निगम से नक्शा पास करा लें।

इसके बाद सैनिक मार्केट के पदाधिकारियों नक्शा पास कराने की कोई जहमत नहीं उठाई है। सैनिक मार्केट में करीब दो सौ से दुकानें है। मार्केट का नक्शा पास तो है नहीं, लेकिन यहां पर कई दुकानों ने अपने हिसाब से निर्माण कर लिया है। इसके अलावा पिछले साल निदेशालय में हुई नियुक्ति में भी निदेशक वीजी पाठक पर गड़बड़ी का आरोप लगाया गया है।

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