Ranchi News: राजधानी रांची में पशु तस्करी और गोवंश क्रूरता से जुड़े चर्चित मामले में पुलिस और अभियोजन की बड़ी लापरवाही सामने आई है। करीब साढ़े तीन साल तक ट्रायल चलने के बावजूद पुलिस अदालत में एक भी गवाह पेश नहीं कर सकी। आखिरकार अपर न्यायायुक्त Amit Shekhar की अदालत ने साक्ष्य के अभाव में सभी चार आरोपियों को बरी कर दिया।
मामला Thakurgaon Police Station क्षेत्र का है। प्राथमिकी के अनुसार 12 अक्टूबर 2021 को पुलिस ने इटाहे मोड़ के पास 75 से 80 गोवंशीय पशुओं को कथित रूप से अवैध तरीके से ले जाते हुए आफताब अंसारी, शाकिर अंसारी, अफरोज अंसारी और तौफीक अंसारी को गिरफ्तार किया था। पुलिस का दावा था कि पशुओं को वधशाला ले जाया जा रहा था।
अदालत ने अपने आदेश में कहा कि 12 जुलाई 2022 को आरोप गठन के बाद गवाहों को लगातार समन भेजे गए। इतना ही नहीं, जमानती वारंट जारी हुआ और रांची एसपी को भी पत्र भेजकर गवाहों की उपस्थिति सुनिश्चित कराने को कहा गया। इसके बावजूद अभियोजन पक्ष एक भी गवाह अदालत में पेश नहीं कर सका।
कोर्ट ने इसे “नो एविडेंस” का मामला मानते हुए कहा कि बिना साक्ष्य किसी को दोषी नहीं ठहराया जा सकता। चारों आरोपियों को संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया गया। आरोपी घटना के दिन ही गिरफ्तार हुए थे और करीब साढ़े चार महीने जेल में रहने के बाद 2 मार्च 2022 को जमानत पर रिहा हुए थे।

