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Air Pollution: दिल्ली-एनसीआर में जहरीली हवा पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, कहा- प्रदूषण पर लगाम के लिए लॉकडाउन लगाने पर करें विचार

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By Devesh Ananad On 13 Nov, 2021
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air pollution in Delhi
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Delhi: Air Pollution दिल्ली-एनसीआर में बढ़ते प्रदूषण पर सुप्रीम कोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है। शनिवार को प्रदूषण पर सुनवाई के दौरान सीजेआई ने कहा कि सरकार को दो दिनों के लिए लॉकडाउन पर विचार करना चाहिए। उन्होंने कहा कि पराली जलाने के अलावा दिल्ली में इंडस्ट्रीज, पटाखें और डस्ट प्रदूषण के कारण हैं।

दो दिनों का लॉकडाउन भी उपाय हो सकता है। कोर्ट ने केंद्र को निर्देश दिया है कि वायु प्रदूषण की वजह से बने आपातकालीन हालात से निपटने के लिए क्या फैसले लिए गए हैं, इसके बारे में सोमवार को जानकारी दें। अगली सुनवाई उसी दिन होगी।

सुनवाई के दौरान सीजेआई ने कहा कि राजधानी में प्रदूषण की हालत बदतर है, लोग घरों में मास्क पहनने को मजबूर हो रहे हैं। आपने क्या कदम उठाए हैं। इस पर सॉलिसिटर जनरल ने कहा कि पराली जलाने के कारण दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण बढ़ा है। इसे रोकने के लिए राज्यों को कुछ कड़े कदम उठाने होंगे।

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किसानों पर पेनाल्टी लगानी होगी। इस पर सीजेआई ने कहा कि आप यह कहना चाहते हैं कि प्रदूषण के लिए किसान जिम्मेदार हैं लेकिन इसे कंट्रोल करने के लिए कारगर मैकेनिज्म कहां गया? शॉर्ट टर्म प्लान क्या है? दो दिनों के लिए लॉकडाउन भी उपाय हो सकता है।

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सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार से कहा कि आप आज ही मीटिंग करें और तत्काल इमर्जेंसी स्टेप उठाएं। इस पर सॉलिसिटर जनरल ने कहा कि आज मीटिंग होगी। सीजेआई ने कहा कि न्यूज रिपोर्ट्स के मुताबिक प्रदूषण की बड़ी वजह पराली जलाना है तो पंजाब और हरियाणा सरकार से यह क्यों नहीं कहा जा रहा कि इस पर 2-3 दिन में पूरी तरह लगाम लगे।

अदालत ने केंद्र से कहा कि आपको इस मुद्दे को राजनीति और शासन से हटकर देखना होगा। कुछ न कुछ होना ही चाहिए ताकि दो-तीन दिन में हम बेहतर महसूस करें। सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि केंद्र सरकार आज इस संबंध में एक आपात बैठक करेगी। सुप्रीम कोर्ट ने दिल्‍ली सरकार ने स्‍मॉग टावर्स लगाने और उत्‍सर्जन कम करने के प्रॉजेक्‍ट्स का क्‍या हुआ, यह पूछा है।

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कोर्ट ने तल्‍ख लहजे में कहा कि अब किसानों पर ठीकरा फोड़ना का फैशन बन गया फिर चाहे व‍ह दिल्‍ली सरकार हो या कोई और। कोर्ट ने पूछा कि ‘पटाखों पर बैन था, उसका क्‍या हुआ?’ दिल्‍ली सरकार से सवाल करते हुए कोर्ट ने कहा कि आपने राष्‍ट्रीय राजधानी में सारे स्‍कूल खोल दिए हैं और अब वे भी प्रदूषण की चपेट में हैं। यह केंद्र का नहीं बल्कि आपका न्‍यायक्षेत्र है। उस मामले में क्‍या कर रहे हैं?।

सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र से यह जानना चाहा कि AQI को 500 से कम से कम 200 अंक कम कैसे किया जा सकता है। अदालत ने एसजी से कहा कि ‘क्‍या आप दो दिन के लॉकडाउन या अन्‍य किसी विकल्‍प के बारे में सोच सकते हैं? लोग कैसे रहेंगे?’ कोर्ट के अनुसार, पराली के निपटान के लिए दो लाख मशीनें उपलब्‍ध हैं और बाजार में ऐसी 2-3 मशीनें हैं मगर किसान उनका खर्च नहीं उठा सकते। अदालत ने पूछा कि क्‍या केंद्र या राज्‍य की सरकारें किसानों के लिए ये मशीनें खरीद सकती हैं या पराली का निदान कर सकती हैं।

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देवेश आनंद को पत्रकारिता जगत का 15 सालों का अनुभव है। इन्होंने कई प्रतिष्ठित मीडिया संस्थान में काम किया है। अब वह इस वेबसाइट से जुड़े हैं।

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