Civil Court News

हेमंत सरकार गिराने की साजिश रचने में शामिल तीनों आरोपियों को नहीं मिली जमानत

Devesh Ananad
By Devesh Ananad On 25 Aug, 2021
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Ranchi Civil Court
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Ranchi: Topple Hemant Government रांची की एसीबी की विशेष अदालत में हेमंत सोरेन सरकार गिराने की साजिश रचने में लिप्त निवारण प्रसाद महतो, अमित सिंह एवं अभिषेक दुबे की जमानत पर सुनवाई हुई। सुनवाई के बाद एसीबी के विशेष न्यायाधीश प्रकाश झा की अदालत ने तीनों की जमानत याचिका को खारिज कर दिया।

सुनवाई के दौरान विशेष लोक अभियोजक एके गुप्ता ने अदालत को बताया कि तीनों आरोपितों के खिलाफ पर्याप्त सबूत है। सीडीआर से पता चलता है कि तीनों लगातार एक-दूसरे के संपर्क में थे। अभिषेक दूबे के आइडी से ही रांची से दिल्ली के लिए एयर टिकट निकाला गया था।

इसी टिकट के साथ यहां के दो विधायक दिल्ली पहुंचे थे। उनकी ओर से तीनों की जमानत याचिका का विरोध किया गया। जबकि वादियों का कहना था कि उनकी इस मामले में कोई संलिप्तता नहीं है। अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद तीनों की याचिका खारिज कर दी।

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बता दें कि उक्त मामले में कोतवाली थाना में सरकार गिराने के साजिश के मामले में 22 जुलाई को तीनों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। मामले में पीसी एक्ट लगे होने के कारण सुनवाई एसीबी की विशेष अदालत में हो रही है।

नियुक्ति में स्पोर्ट्स कोटे का लाभ नहीं देने के मामले में 27 को सुनवाई
झारखंड हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस डॉ रवि रंजन व जस्टिस एसएन प्रसाद की अदालत में न्यायिक पदाधिकारियों की नियुक्ति में स्पोर्ट्स कोटे का लाभ नहीं दिए जाने के मामले पर सुनवाई हुई। सुनवाई के बाद अदालत ने इस मामले की अगली सुनवाई के लिए 27 अगस्त की तिथि निर्धारित की है।

इसको लेकर मयंक सिंह ठाकुर ने हाई कोर्ट में याचिका दाखिल की है। सुनवाई के दौरान प्रार्थी की ओर से अदालत को बताया गया कि जेपीएससी ने न्यायिक पदाधिकारियों की नियुक्ति के लिए वर्ष 2018 में विज्ञापन निकाला था। उन्होंने भी आवेदन भरा था, लेकिन उन्हें स्पोर्ट्स कोटा का लाभ नहीं दिया गया।

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जबकि उन्होंने स्पोर्ट्स से संबंधित सभी प्रमाणपत्र आवेदन के साथ संलग्न किए थे। इस पर जेपीएससी के अधिवक्ता संजय पिपरवाल और प्रिंस कुमार सिंह ने कहा कि प्रार्थी का स्पोर्ट्स कोटे के तहत इसलिए चयन नहीं हुआ कि प्रार्थी का स्पोर्ट्स से संबंधित प्रमाणपत्र विज्ञापन के अनुरूप नहीं थे और वह मान्य नहीं थे।

सरकार के वर्ष 2007 के संकल्प के अनुसार भारतीय ओलंपिक संघ से संबद्ध खेल फेडरेशन की ओर से आयोजित टूर्नामेंट में शामिल होने के प्रमाणपत्र पर ही उक्त कोटे का लाभ दिया जा सकता है, इसलिए प्रार्थी को इसका लाभ नहीं दिया गया। अगली सुनवाई 27 अगस्त को होगी।

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देवेश आनंद को पत्रकारिता जगत का 15 सालों का अनुभव है। इन्होंने कई प्रतिष्ठित मीडिया संस्थान में काम किया है। अब वह इस वेबसाइट से जुड़े हैं।

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