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High Court: नम्रता अस्पताल के संचालक सूर्यमणि तिवारी को हाईकोर्ट से मिली बड़ी राहत, सिविल सर्जन के आदेश को किया रद्द

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By CourtNews Desk On 12 Jul, 2024
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High Court: झारखंड हाईकोर्ट से गुमला के नम्रता अस्पताल के संचालक सूर्यमणि तिवारी को शुक्रवार को राहत मिली है। हाईकोर्ट ने गुमला के सिविल सर्जन 18 सितंबर 2023 के उस आदेश को रद्द कर दिया है जिसके तहत अस्पताल के लाइसेंस को निलंबित किया गया था। अदालत ने प्रार्थी के बैंक एकाउंट फ्रिज करने के आदेश को भी रद्द कर दिया और एकाउंट चालू करने का निर्देश दिया। प्रार्थी सूर्यमणि तिवारी के खिलाफ दोहरा क्लेम लेने के आरोप में गुमला थाना में 14 सितंबर 2023 को प्राथमिकी दर्ज करायी गयी थी। प्राथमिकी में आरोप था कि सूर्यमणि तिवारी ने कई मरीजों से राष्ट्रीय अंधापन निवारण कार्यक्रम और आयुष्मान भारत स्कीम का दोहरा क्लेम लिया था।

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सुनवाई के दौरान प्रार्थी के अधिवक्ता अनुराग कश्यप ने अदालत को बताया कि प्राथमिकी दर्ज करने के पहले ही वह पैसा वापस करने के लिए तैयार थे, लेकिन जानबूझकर सिविल सर्जन गुमला ने उनका लाइसेंस निलंबित कर दिया। जिससे उनके अस्पताल का ऑपरेशन रुक गया। सिविल सर्जन के दिशा निर्देश के आलोक में यूको बैंक गुमला ब्रांच के मैनेजर ने उनके अस्पताल का बैंक अकाउंट फ्रीज कर दिया। जिससे अस्पताल के संचालन में दिक्कत हो रही है। प्रार्थी का कहना था कि सिविल सर्जन को अस्पताल के लाइसेंस से निलंबित करने के झारखंड क्लीनिकल एस्टैब्लिशमेंट रूल के तहत शो कॉज नोटिस जारी करना चाहिए था, लेकिन सिविल सर्जन ने बिना कोई नोटिस जारी किए ही अस्पताल का लाइसेंस निलंबित कर दिया।

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