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Civil Judge Appointment: खेल कोटे का आरक्षण नहीं देने पर हाईकोर्ट ने आईओए से मांगा जवाब

Devesh Ananad
By Devesh Ananad On 06 Jan, 2022
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Ranchi: Civil Judge Appointment: झारखंड हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस डॉ रवि रंजन व जस्टिस एसएन प्रसाद की अदालत में सिविल जज नियुक्ति में खेल कोटे का लाभ नहीं देने के खिलाफ दाखिल याचिका पर सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान प्रार्थी की ओर से उठाए गए बिंदुओं पर अदालत ने भारतीय ओलिंपिक संघ (आईओए) से जवाब मांगा है।

मामले में अगली सुनवाई 19 जनवरी को होगी। इसको लेकर मयंक ठाकुर की ओर से हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की गई है। सुनवाई के दौरान कहा गया कि जेपीएससी ने वर्ष 2018 में सिविल जज (जूनियर डिविजन) की नियुक्ति के लिए विज्ञापन जारी किया था।

प्रार्थी ने नियुक्ति में खेल प्रमाण पत्र दिया था, लेकिन उन्हें खेल कोटे का लाभ नहीं दिया गया। जबकि उन्होंने आइओए से संबद्ध संस्था स्कूल गेम्स फेडरेशन ऑफ इंडिया से खेल प्रमाण पत्र प्राप्त किया है। सुनवाई के दौरान आइओए ने कहा कि वर्तमान में उक्त संस्था उनके यहां संबद्ध नहीं है।

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इस पर प्रार्थी ने कहा कि वर्ष 2010 तक उक्त संस्था आइओए से संबद्ध थी। इस पर अदालत ने आईएओ से जवाब मांगा है। इस मामले में जेपीएससी का कहना है कि प्रार्थी की नियुक्ति इसलिए नहीं की गई है, क्योंकि इनकी ओर से दिया गया खेल प्रमाण पत्र विज्ञापन के अनुरूप नहीं था

सिविल कोर्ट में वर्चुअल सुनवाई शुरू
रांची सिविल कोर्ट में वर्चुअल मोड में सुनवाई शुरू हुई। बढ़ते कोरोना संक्रमण को देखते हुए हाई कोर्ट के आदेश पर फिजिकल कोर्ट को बंद करते हुए वर्चुअल मोड पर सुनवाई शुरू की गई है। पहले दिन ऑनलाइन सुनवाई में कई वकीलों को परेशानी का सामना करना पड़ा। झारखंड हाई कोर्ट के आदेश पर होने वाली सुनवाई फिजिकल मोड में ही होगी।

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इसमें एनटीपीसी के सेफ्टी मैनेजर सागर सिंह मीणा से जुड़े रिश्वत मामले समेत अन्य मामले शामिल है। बुधवार को आरोपित को अपने बचाव में गवाह लाना था, लेकिन वह गवाह लेकर नहीं पहुंचा। जिसके कारण सुनवाई टल गई। फिजिकल कोर्ट पर रोक के पहले दिन कई महत्वपूर्ण मामलों के आरोपितों के खिलाफ आरोप तय की कार्रवाई टल गई। इसके अलावा कई मामलों में होने वाली गवाही भी टल गई। इस दौरान सिर्फ अति महत्वपूर्ण मामलों की सुनवाई हुई।

Devesh Ananad

देवेश आनंद को पत्रकारिता जगत का 15 सालों का अनुभव है। इन्होंने कई प्रतिष्ठित मीडिया संस्थान में काम किया है। अब वह इस वेबसाइट से जुड़े हैं।

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