Ranchi News: झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) द्वारा आयोजित विभिन्न प्रतियोगिता परीक्षाओं में हुई धांधली और अनियमितता मामले में फंसे आयोग के पूर्व अध्यक्ष एल खियांग्ते (L. Khyangte) ने जमानत के लिए झारखंड हाई कोर्ट में जमानत याचिका दाखिल की है।
इससे पूर्व सीआईडी (CID) की विशेष अदालत द्वारा उनकी जमानत याचिका खारिज किए जाने के बाद उन्होंने हाई कोर्ट में नियमित जमानत याचिका (Bail Petition) दायर की है। याचिका में पूर्व अध्यक्ष ने खुद को पूरी तरह निर्दोष बताते हुए राहत देने की गुहार लगाई है. सूत्रों की मानें तो प्रार्थी एल खियांग्ते की इस जमानत याचिका पर अगले सप्ताह सुनवाई होने की संभावना है।
CID की विशेष अदालत से झटका लगने के बाद पहुंचे उच्च न्यायालय
JPSC द्वारा आयोजित परीक्षाओं में बड़े पैमाने पर हुई गड़बड़ी, ओएमआर शीट में हेरफेर और अनियमितताओं की जांच सीआईडी (CID) द्वारा की जा रही है। जांच एजेंसी द्वारा शिकंजा कसे जाने के बाद पूर्व अध्यक्ष ने सीआईडी की विशेष अदालत में अर्जी दाखिल की थी, जिसे अदालत ने गंभीर आरोपों को देखते हुए खारिज कर दिया था। इसके बाद उन्होंने अपने अधिवक्ताओं के माध्यम से उच्च न्यायालय का रुख किया है।
अगले सप्ताह आ सकता है अहम फैसला, अभ्यर्थियों की टिकीं निगाहें
पूर्व अध्यक्ष एल खियांग्ते ने अपनी याचिका में दलील दी है कि उन्हें इस मामले में झूठा फंसाया गया है और उनका इस अनियमितता में कोई सीधा हाथ नहीं है। हालांकि, सीआईडी अनुसंधान में आयोग के शीर्ष पदों पर रहते हुए हुए फैसलों और गड़बड़ियों को लेकर सवाल खड़े किए गए हैं। हालांकि, सरकार ने अपने जवाब में कहा था कि जेपीएससी अध्यक्ष एल ख्यांग्ते ने साक्ष्य लैपटॉप को नष्ट करने की कोशिश की थी। उन्होंने अपने जवाब में परीक्षा रद्द करने का कारण बताते हुए कहा था कि इस परीक्षा में हुई धांधली का सेग्रिगेशन संभव नहीं है।

