Ranchi News: JSSC-CGL परीक्षा-2024 पेपर लीक मामले में जेल में बंद मुख्य आरोपी अभय कुमार तिवारी की पत्नी सुषमा कुमारी और उसके भाई अक्षय कुमार तिवारी को रांची की निचली अदालत से बड़ा झटका लगा है। अपर न्यायायुक्त योगेश कुमार की अदालत ने दोनों की ओर से दाखिल जमानत याचिका को खारिज कर दिया है। अदालत के इस फैसले के बाद अब दोनों आरोपियों को जेल में ही रहना होगा। मामले में दोनों पक्षों की बहस पूरी होने के बाद अदालत ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था, जिस पर आदेश सुनाते हुए अदालत ने याचिका खारिज कर दी।
मामले के मुख्य बिंदु:
19 अगस्त को हुई थी गिरफ्तारी: सीआईडी (CID) की टीम ने कार्रवाई करते हुए 19 अगस्त को सुषमा कुमारी और अक्षय कुमार तिवारी को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया था, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया था।
CID कांड संख्या 01/2025: दोनों की गिरफ्तारी JSSC-CGL परीक्षा-2024 में कथित अनियमितताओं और पेपर लीक से जुड़ी सीआईडी की प्राथमिकी (कांड संख्या 01/2025) के तहत हुई है।
नेटवर्क से जुड़े तार: सीआईडी की जांच के दौरान यह बात सामने आई थी कि अभय कुमार तिवारी के साथ उसकी पत्नी और भाई भी इस परीक्षा में हुई गड़बड़ी और इसके वित्तीय/सिंडिकेट नेटवर्क से जुड़े हुए थे।
अभियोजन का विरोध: सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष (CIDA/State) ने जमानत का कड़ा विरोध करते हुए तर्क दिया कि आरोपियों की रिहाई से जांच प्रभावित हो सकती है, जिसे स्वीकार करते हुए अदालत ने राहत देने से इनकार कर दिया।

