Ranchi News: रांची की साइबर क्राइम की विशेष अदालत ने 2.07 करोड़ रुपये की बड़ी साइबर ठगी मामले में दोनों आरोपियों को राहत देने से इनकार कर दिया है। अदालत ने मुख्य आरोपी अभिषेक बेरा की नियमित जमानत और महिला आरोपी रूपा बेरा की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी। यह मामला सीआईडी साइबर थाना 2025 से जुड़ा है, जिसमें “ग्लोबिक्स वॉल्ट” और “डिजिटल एसेट्स” के नाम पर निवेश का झांसा देकर ठगी करने का आरोप है। अभियोजन के अनुसार, आरोपियों ने सोशल मीडिया और फर्जी वेबसाइट के माध्यम से ऊंचे मुनाफे का लालच देकर पीड़ित से 19 बार में अलग-अलग बैंक खातों में कुल 2.07 करोड़ रुपये ट्रांसफर कराए।
जांच में सामने आया कि 30 जनवरी 2026 से जेल में बंद अभिषेक बेरा कंपनी का निदेशक था। उसके खाते में 22 लाख रुपये के संदिग्ध ट्रांजेक्शन के प्रमाण मिले हैं, साथ ही उसका आपराधिक इतिहास भी बताया गया है। वहीं, रूपा बेरा के खिलाफ भी केस डायरी में कंपनी की निदेशक होने और उनके मोबाइल नंबर की संलिप्तता के साक्ष्य मिले हैं। पुलिस ने आरोपियों के पास से लैपटॉप, मोबाइल और अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेज जब्त किए हैं। अदालत ने साइबर अपराधों की बढ़ती गंभीरता और उपलब्ध साक्ष्यों को देखते हुए दोनों की जमानत याचिकाएं खारिज कर दीं।