Ranchi News: लातेहार के चर्चित माओवादी हमले मामले में आरोपी Sunil Ganjhu उर्फ मंगरा गंझू को फिलहाल राहत नहीं मिली है। रांची स्थित एनआईए मामलों के विशेष न्यायाधीश Abhimanyu Kumar की अदालत ने सुनवाई के बाद उसकी जमानत याचिका खारिज कर दी। यह मामला 22 नवंबर 2019 को Latehar जिले के Chandwa थाना क्षेत्र अंतर्गत लुकुइया मोड़ के पास हुए माओवादी हमले से जुड़ा है। घटना में प्रतिबंधित संगठन CPI (Maoist) के उग्रवादियों ने पुलिस पेट्रोलिंग टीम पर अंधाधुंध फायरिंग कर चार जवानों की हत्या कर दी थी। हमले के बाद पुलिसकर्मियों के हथियार और कारतूस भी लूट लिए गए थे।
सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष ने अदालत में दलील दी कि आरोपी निर्दोष है और उसे साजिश के तहत फंसाया गया है। यह भी कहा गया कि उसके खिलाफ कोई ठोस साक्ष्य नहीं है। साथ ही यह भी तर्क रखा गया कि आरोपी जनवरी 2020 से लगातार न्यायिक हिरासत में है और ट्रायल शीघ्र समाप्त होने की संभावना नहीं है। वहीं, National Investigation Agency (NIA) की ओर से विशेष लोक अभियोजक ने जमानत का कड़ा विरोध किया। उन्होंने अदालत को बताया कि जांच के दौरान आरोपी की सक्रिय भूमिका सामने आई है। वह माओवादी संगठन का ओवर ग्राउंड वर्कर (OGW) था और हमले की साजिश रचने, लॉजिस्टिक सपोर्ट देने तथा हमलावरों को घटनास्थल तक पहुंचाने में शामिल था। कॉल डिटेल रिकॉर्ड, गवाहों के बयान और पहचान प्रक्रिया से उसकी संलिप्तता की पुष्टि होती है। अदालत ने अपने आदेश में कहा कि आरोपी के खिलाफ लगाए गए आरोप प्रथम दृष्टया सही प्रतीत होते हैं। साथ ही Unlawful Activities (Prevention) Act (UAPA) की धारा 43D(5) का हवाला देते हुए कहा गया कि ऐसे मामलों में जमानत देने पर सख्त प्रतिबंध है। मामले की गंभीरता और उपलब्ध साक्ष्यों को देखते हुए अदालत ने आरोपी को जमानत देने से इनकार करते हुए उसकी याचिका खारिज कर दी।

