Ranchi News: एनडीपीएस एक्ट से जुड़े एक मामले में अदालत ने आरोपी मनोज कुमार पांडेय को जमानत दे दी है। यह आदेश अपर न्यायायुक्त –VII की अदालत ने सोमवार को पारित किया। अदालत ने आरोपी को 10 हजार रुपये के निजी मुचलके और इतनी ही राशि के दो जमानतदारों पर जमानत देने का निर्देश दिया है। साथ ही शर्त रखी गई है कि आरोपी मुकदमे के निपटारे तक हर तारीख पर अदालत में शारीरिक रूप से उपस्थित रहेगा और सुनवाई के दौरान अपना मोबाइल नंबर नहीं बदलेगा।
पहले रद्द हो चुकी थी जमानत
सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष की ओर से बताया गया कि आरोपी पहले जमानत पर था, लेकिन 8 जुलाई 2025 को अदालत में पेश नहीं होने के कारण उसकी जमानत रद्द कर दी गई थी और उसके खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी किया गया था। बचाव पक्ष के अनुसार आरोपी रोजगार के सिलसिले में राज्य से बाहर चला गया था, जिसके कारण वह अदालत में उपस्थित नहीं हो सका। बाद में उसने 5 फरवरी 2026 को अदालत में आत्मसमर्पण कर दिया, जिसके बाद से वह न्यायिक हिरासत में था।
हिरासत अवधि को माना पर्याप्त
मामले की सुनवाई के दौरान एनसीबी के विशेष लोक अभियोजक ने जमानत का विरोध किया। हालांकि अदालत ने रिकॉर्ड का अवलोकन करते हुए कहा कि आरोपी ने जमानत की शर्तों का उल्लंघन करने के बाद जो अवधि जेल में बिताई है, वह पर्याप्त प्रतीत होती है। इसी आधार पर अदालत ने आरोपी मनोज कुमार पांडेय को सशर्त जमानत देने का आदेश पारित किया।

