Ranchi News : झारखंड हाई कोर्ट ने कांके डैम, धुर्वा डैम और गेतलसुद डैम में अतिक्रमण के गंभीर मामले पर कड़ा रुख अपनाया है। चीफ जस्टिस एमएस सोनक और जस्टिस राजेश शंकर की खंडपीठ ने सुनवाई करते हुए रांची के उपायुक्त (डीसी) से विस्तृत जानकारी मांगी है। अदालत ने पूछा है कि इन तीनों डैमों के लिए कुल कितनी जमीन अधिग्रहित की गई थी, वर्तमान में कितनी जमीन पर अतिक्रमण है और इसे हटाने के लिए अब तक क्या कार्रवाई की गई है। कोर्ट ने यह भी सवाल किया कि क्या इन डैमों के कैचमेंट एरिया का पूर्व में कोई सर्वे कराया गया था। रांची डीसी को इन सभी बिंदुओं पर शपथ पत्र के माध्यम से रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया गया है। वहीं रांची नगर निगम से भी पिछली सुनवाई में दिए गए आदेशों के अनुपालन पर रिपोर्ट तलब की गई है।
सुनवाई के दौरान एमिकस क्यूरी इंद्रजीत सिन्हा ने अदालत को बताया कि तीनों डैमों के कैचमेंट एरिया में बड़े पैमाने पर अतिक्रमण किया गया है, लेकिन अब तक इसे हटाया नहीं जा सका है। सबसे खराब स्थिति कांके डैम की है, जहां डैम की जमीन पर बड़े पैमाने पर अवैध कब्जा हो चुका है। राज्य सरकार की ओर से बताया गया कि अतिक्रमण कर घर बनाने और जमीन की रसीद काटने वाले दोषी अधिकारियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की जा चुकी है। मामले की अगली सुनवाई 26 मार्च को होगी।

