Ranchi News: हजारीबाग में वन भूमि की कथित अवैध खरीद-बिक्री और नियम विरुद्ध म्यूटेशन मामले में नामजद मुख्य आरोपी ऑटोमोबाइल कारोबारी विनय सिंह को झारखंड हाईकोर्ट से बड़ा झटका लगा है। जस्टिस एस.के. द्विवेदी की अदालत ने गुरुवार को उनकी जमानत याचिका खारिज कर दी। यह मामला उस समय का है, जब आईएएस विनय चौबे हजारीबाग के उपायुक्त थे। एसीबी की जांच में पाया गया कि जिस भूमि को लेकर प्राथमिकी दर्ज की गई है, वह विनय सिंह और उनकी पत्नी स्निग्धा सिंह के नाम पर दर्ज है। आरोप है कि अवैध खरीद-बिक्री और म्यूटेशन की प्रक्रिया के जरिए वन भूमि को निजी कब्जे में लेकर व्यावसायिक उपयोग में लाया गया।
सदर अंचल के बभनवे मौजा (हल्का-11) स्थित थाना नंबर 252 अंतर्गत दर्ज इस जमीन में खाता संख्या 95 के प्लॉट नंबर 1055, 1060 और 848 कुल 28 डिसमिल तथा खाता संख्या 73 के प्लॉट नंबर 812 की 72 डिसमिल भूमि शामिल है। वर्तमान में इसी भूमि पर विनय सिंह के स्वामित्व वाला नेक्सजेन का शोरूम संचालित हो रहा है। अदालत ने मामले को गंभीर बताते हुए कहा कि प्रारंभिक जांच और दस्तावेजों से आरोप पुष्ट होते हैं, इसलिए जमानत देने का आधार नहीं बनता।