Ranchi: झारखंड राज्य के सभी जिलों में शनिवार को रक्षा कर्मियों, भूतपूर्व सैनिकों एवं उनके आश्रित परिवारजनों के लिए नालसा वीर परिवार सहायता योजना 2025 के अंतर्गत विधिक सेवा क्लिनिकों का वर्चुअल शुभारंभ किया गया। इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम का उद्घाटन झारखंड उच्च न्यायालय के माननीय मुख्य न्यायाधीश सह संरक्षक-इन-चीफ, झारखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण (झालसा) न्यायमूर्ति तरलोक सिंह चौहान ने दीपाटोली स्थित आर्मी कैंट के केरकेट्टा सभागार से किया। इस अवसर पर उच्च न्यायालय के न्यायाधीश एवं झालसा के कार्यकारी अध्यक्ष न्यायमूर्ति सुजीत नारायण प्रसाद, न्यायमूर्ति संजय कुमार द्विवेदी, न्यायमूर्ति संजय प्रसाद, मेजर जनरल सज्जन सिंह मान (जीओसी, 23 इन्फैंट्री डिवीजन), ब्रिगेडियर राज कुमार सहित अनेक गणमान्य उपस्थित थे।

मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति तरलोक सिंह चौहान ने कहा कि सैनिकों एवं पूर्व सैनिकों के लिए विधिक सेवा क्लिनिक औपचारिक आयोजन नहीं, बल्कि एक गंभीर संकल्प है। यह न्यायपालिका की ओर से उन वीरों को श्रद्धांजलि है जिन्होंने राष्ट्र की रक्षा में अपना जीवन समर्पित किया। इसी क्रम में आज पूरे राज्य में राष्ट्रीय लोक अदालत का भी आयोजन किया गया, जिसमें 288 पीठों का गठन किया गया। इसमें 19,01,846 वादपूर्व व 1,60,032 लंबित मामलों का निपटारा किया गया तथा कुल ₹9,24,93,44,880 की राशि के मामलों का समझौता संपन्न हुआ।
राज्यभर के जिला विधिक सेवा प्राधिकरणों के अध्यक्ष एवं सचिव भी वर्चुअल माध्यम से इस कार्यक्रम में जुड़े। कार्यक्रम के दौरान 90 दिवसीय वीर परिवार सहायता अभियान की भी शुरुआत हुई, जिसका उद्देश्य अधिक से अधिक लाभार्थियों की पहचान कर उन्हें त्वरित विधिक सहायता एवं राहत उपलब्ध कराना है।

स्वागत भाषण में झालसा की सदस्य सचिव कुमारी रंजना अस्थाना ने बताया कि झालसा निरंतर अपनी पहुंच राज्य के सुदूरवर्ती क्षेत्रों तक बना रहा है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य सेना के जवानों, पूर्व सैनिकों एवं उनके परिवारों को मुफ्त विधिक सहायता उपलब्ध कराना और उन्हें संविधान के अनुच्छेद 39(क) के तहत मिले अधिकारों के प्रति जागरूक करना है।
मेजर जनरल सज्जन सिंह मान ने इसे सैनिकों एवं उनके परिवारों के लिए ऐतिहासिक पहल बताया। वहीं, कार्यकारी अध्यक्ष न्यायमूर्ति सुजीत नारायण प्रसाद ने कहा कि यह योजना केवल विधिक सहायता तक सीमित नहीं, बल्कि जागरूकता बढ़ाने का भी प्रयास है।

