Ranchi: सेवा सदन के सामने की सड़क की मरम्मत कार्य शुरू नहीं होने पर हाईकोर्ट ने नाराजगी जाहिर की और मौखिक कहा कि विभाग एक दूसरे को सिर्फ पत्र ही लिखेंगे या काम भी करेंगे। चीफ जस्टिस तरलोक सिंह चौहान और जस्टिस राजेश शंकर की अदालत ने सरकार को सड़क मरम्मत के लिए निकाले गए टेंडर की कॉपी पेश करने का निर्देश देते हुए सुनवाई 16 सितंबर निर्धारित की।
सुनवाई के दौरान अदालत ने बिजली विभाग के अधिकारियों से पूछा कि कोर्ट ने जो निर्देश दिया था उसका पालन किया गया या नहीं। इस पर अदालत को बताया गया कि एक साल पूर्व ही रांची नगर निगम के आयुक्त को सड़क बनाने के लिए पत्र लिखा गया था। इस पर कोर्ट ने नाराजगी जतायी और कहा कि सिर्फ पत्र ही लिखा जाएगा या काम भी होगा।
सरकार की ओर से बताया गया कि सड़क निर्माण के लिए टेंडर निकाला गया है। सड़क और नाली का निर्माण जल्द ही करा दिया जाएगा। इस पर कोर्ट ने पूछा कि कब तक सड़क और नाली बन जाएगी। इसकी समय सीमा कब तक निर्धारित की गयी है। इस पर सरकार की ओर से कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया जा सका। इसके बाद कोर्ट ने राज्य सरकार को सड़क के लिए निकल गए टेंडर की कॉपी कोर्ट में पेश करने का निर्देश दिया।
प्रार्थी की ओर से अदालत को बताया गया कि रांची में नल और नाली दोनों का पानी एक ही साथ बहता है। यहां पर अलग से नाले के जल की निकासी की व्यवस्था नहीं है। पानी बड़ा तालाब में ही जाकर गिरता है। इस पर कोर्ट ने मौखिक कहा कि रांची स्मार्ट सिटी बन रही है और अभी तक नाली के जल निकासी की व्यवस्था ही नहीं है। कोर्ट ने सभी बिंदुओं पर सरकार को जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया।
Ranchi/H Court: सड़क की मरम्मत कार्य शुरू नहीं होने पर हाईकोर्ट ने जाहिर की नाराजगी, मौखिक कहा कि विभाग एक दूसरे को सिर्फ पत्र ही लिखेंगे या करेंगे काम भी

