Ranchi: झारखंड के पूर्व मंत्री एवं वर्तमान विधायक सरयू राय की कानूनी मुश्किलें बढ़ गई हैं। गोपनीय दस्तावेज लीक करने के मामले में एमपी/एमएलए मामलों के विशेष न्यायिक दंडाधिकारी की अदालत ने बुधवार को उन पर आरोप तय कर दिया है। इसके साथ ही कोर्ट ने अभियोजन पक्ष को गवाह पेश करने का निर्देश दिया है। अगली सुनवाई की तारीख 12 अगस्त निर्धारित की गई है।
क्या है मामला?
सरयू राय पर आरोप है कि उन्होंने कोरोना काल में खर्च की गई राशि से संबंधित एक गोपनीय दस्तावेज को सार्वजनिक कर दिया था। उन्होंने इस दस्तावेज के आधार पर एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर मीडिया के सामने राज्य सरकार के खर्चों पर सवाल उठाए थे। इस संबंध में वित्त विभाग के अवर सचिव विजय वर्मा ने 2 मई 2022 को डोरंडा थाना में प्राथमिकी (कांड संख्या 105/22) दर्ज कराई थी। एफआईआर में भारतीय दंड संहिता की पांच धाराओं के साथ-साथ गोपनीय दस्तावेज लीक करने से संबंधित तीन धाराएं जोड़ी गई थीं।
अब तक की अदालती प्रक्रिया:
24 अगस्त 2023 को कोर्ट ने दाखिल चार्जशीट पर संज्ञान लिया था।
20 मई 2024 को सरयू राय को पुलिस पेपर सौंपा गया।
अब 17 जुलाई 2025 को कोर्ट ने आरोप तय किए और गवाहों को पेश करने के निर्देश दिए हैं।
सरयू राय को इस मामले में अग्रिम जमानत प्राप्त है।
यह मामला राजनीतिक और प्रशासनिक स्तर पर काफी संवेदनशील माना जा रहा है, क्योंकि इससे कोविड काल के खर्चों पर सरकार की पारदर्शिता को लेकर सवाल उठे थे।

