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Salary: हाईकोर्ट ने सरकार को बकाया वेतन भुगतान करने का दिया निर्देश, ग्रामीण कार्य विभाग का मामला

Devesh Ananad
By Devesh Ananad On 28 Oct, 2021
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Ranchi: Salary झारखंड हाईकोर्ट के जस्टिस डॉ एसएन पाठक की अदालत में वेतन पर लगी रोक को हटाने की मांग को लेकर दाखिल याचिका पर सुनवाई हुई। सुनवाई के बाद अदालत ने सरकार को वेतन भुगतान का आदेश दिया है। अगस्त माह से ही प्रार्थियों के वेतन रोक लगा दी गई थी।

अदालत ने राज्य सरकार से आठ सप्ताह में जवाब मांगा हैं। इस संबंध में सत्यनारायण राम सहित कई अन्य की ओर से हाई कोर्ट में याचिका दाखिल की गई है। सुनवाई के दौरान वरीय अधिवक्ता अजीत कुमार व चंचल जैन की ओर से अदालत को बताया गया कि प्रार्थियों की नियुक्ति ग्रामीण कार्य विभाग में कार्य भारित स्थापना (वर्क चार्ज स्थापना) में वर्ष 1987 से 1994 के बीच हुई थी।

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वर्ष 2005 में हाई कोर्ट की वृहद पीठ के आदेश के बाद इनकी नियुक्ति को संपरिवर्तित (नियमित) कर दिया गया। लेकिन 16 जुलाई 2021 को वित्त विभाग और ग्रामीण कार्य विभाग ने एक पत्र जारी कर प्रार्थियों को नई पेंशन योजना के तहत मानते हुए उनका सीपीएफ नंबर आवंटित करने का निर्देश दिया।

ऐसा नहीं करने पर वेतन रोकने की बात कही गई और प्रार्थियों का वेतन रोक दिया गया। अदालत को बताया गया कि प्रार्थियों को नियमित स्थापना में संपरिवर्तित किया गया है। ऐसे में उनकी सेवा अवधि उनकी नियुक्ति तिथि से मानी जाएगी और विभाग ने भी उसी नियुक्ति तिथि को मानते हुए प्रार्थियों को वित्तीय उन्नयन (एसीपी-एमएसीपी) का लाभ दिया है।

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लेकिन पेंशन के संदर्भ में विभाग नियमितीकरण की तिथि को नियुक्ति की तिथि मान रहा है, जो कि सुप्रीम कोर्ट और हाई कोर्ट के आदेश के विपरीत है। इसके बाद अदालत ने इस मामले में प्रार्थियों को वेतन भुगतान करने का आदेश दिया है। मामले में अगली सुनवाई आठ सप्ताह बाद होगी। बता दें कि कार्यभारित पद उसे कहा जाता है। जब कोई इस पद से सेवानिवृत्त होता है, तो यह पद स्वतः समाप्त माना जाता है।

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देवेश आनंद को पत्रकारिता जगत का 15 सालों का अनुभव है। इन्होंने कई प्रतिष्ठित मीडिया संस्थान में काम किया है। अब वह इस वेबसाइट से जुड़े हैं।

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