Ranchi: राज्य में थैलेसीमिया से पीड़ित बच्चों के समुचित इलाज की मांग को लेकर लाइफ सेवर संस्था द्वारा दायर जनहित याचिका पर मंगलवार को झारखंड हाई कोर्ट में सुनवाई हुई। चीफ जस्टिस तरलोक सिंह चौहान और जस्टिस राजेश शंकर की खंडपीठ ने मामले की गंभीरता को देखते हुए राज्य सरकार को शपथ पत्र के माध्यम से जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है। अदालत ने सरकार से यह स्पष्ट करने को कहा है कि अब तक ऐसे बच्चों के इलाज के लिए क्या कदम उठाए गए हैं, वर्तमान व्यवस्था क्या है और कब तक राज्य में समुचित इलाज उपलब्ध कराया जाएगा।
याचिकाकर्ता की अधिवक्ता खुशबू कटारुका ने अदालत को बताया कि राज्य में हेमेटोलॉजिस्ट विभाग ही नहीं है और सरकार ने इस दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया है। पूरे राज्य में थैलेसीमिया उपचार के लिए केवल एक डॉक्टर हैं, जो पिछले वर्ष रांची के सदर अस्पताल में पदस्थापित हुए। जबकि जरूरत है कि हर जिले में विशेषज्ञ डॉक्टर हों। उन्होंने बताया कि 2021 में इलाज के अभाव में रिशु नामक एक बच्चे की मौत हो गई थी, जिसे बचाया नहीं जा सका। अदालत ने मामले की अगली सुनवाई दो सप्ताह बाद निर्धारित की है।

