Ranchi: रिश्वत मामले में गिरफ्तार एएसआई मिथिलेश प्रसाद सिंह की डिस्चार्ज याचिका पर पिछले तीन वर्षों से सुनवाई अधूरी है। मामला 18 मार्च 2020 का है, जब भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो(एसीबी) की टीम ने उन्हें तीन हजार रुपये रिश्वत लेते रंगेहाथ गिरफ्तार किया था। एसीबी ने मामले की जांच पूरी कर चार्जशीट दाखिल की, जिसके बाद अदालत ने संज्ञान लेते हुए आरोप तय करने की तारीख निर्धारित की थी। इसी बीच आरोपी एएसआई मिथिलेश ने 25 फरवरी 2022 को एसीबी कोर्ट में डिस्चार्ज याचिका दाखिल की। लेकिन अब तक 57 से अधिक तारीखों पर सुनवाई होने के बावजूद भी याचिका पर निर्णय नहीं हो सका है।
मामले में सिर्फ मिथिलेश ही आरोपी है। जानकारी के अनुसार, मिथिलेश प्रसाद सिंह सुखदेवनगर थाना में पदस्थापित रहते हुए एक दहेज प्रताड़ना मामले को कमजोर करने के लिए रिश्वत की मांग की थी। शिकायत मिलते ही एसीबी ने जाल बिछाकर उन्हें रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया था। पीड़ित पक्ष और अभियोजन पक्ष इस देरी से नाराज़ हैं, जबकि आरोपी को राहत की उम्मीद में लंबा इंतजार करना पड़ रहा है।