Ranchi: सिविल कोर्ट रांची के एसीबी के विशेष न्यायाधीश की अदालत ने रिश्वत लेने के 12 साल पुराने मामले में दोषी करार अभियुक्त डोरंडा कोषागार के तत्कालीन कोषागार अधिकारी पवन कुमार केडिया को शनिवार को पांच साल कठोर कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही उस पर 30 हजार रुपए का जुर्माना लगाया है। जुर्माने की राशि नहीं देने पर उसे अतिरिक्त सजा काटनी होगी। अदालत ने उसे उक्त मामले में 24 मार्च को दोषी करार दिया था। उस पर 30 हजार रुपए रिश्वत लेने का आरोप है। यह रिश्वत विभाग में कार्यरत लिपिक प्रशांत कुमार दास से ले रहा था।
प्रशांत कुमार दास कोषागार में बिला पास करने का काम करता था। उसने कोषागार अधिकारी से दूसरा काम आवंटन करने की गुहार लगा रहा था। दूसरा काम आवंटित करने के एवज में पवन केडिया ने 30 हजार रुपए की रिश्वत की मांग की थी। इसकी शिकातयत निगरानी ब्यूरो में 27 मई 2013 को की थी। निगरानी ब्यूरो टीम गठित कर रिश्वत की राशि के साथ उसे रंगे हाथ गिरफ्तार किया था। मामले में सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से विशेष लोक अभियोजक ने नौ साल में 9 गवाहों को प्रस्तुत किया था।