
Ranchi News: मानवता को झकझोर देने वाली घटना राजधानी रांची में सामने आई है, जहां अपने ही माता-पिता ने 10 वर्षीय बच्ची को रिनपास अस्पताल के बाहर लावारिश हालत में छोड़ दिया। देर रात हुई इस घटना की सूचना मिलते ही जिला विधिक सेवा प्राधिकार (डालसा), रांची ने त्वरित कार्रवाई करते हुए बच्ची की सुरक्षा, इलाज और पुनर्वास की पूरी व्यवस्था सुनिश्चित की। न्यायामूर्ति-सह-कार्यपालक अध्यक्ष झालसा सुजीत नारायण प्रसाद के निर्देश पर तथा न्यायायुक्त-सह-अध्यक्ष डालसा रांची अनिल कुमार मिश्रा-1 के मार्गदर्शन में डालसा सचिव श्री राकेश रौशन ने स्वयं मामले की निगरानी की। पीएलवी भारती शाहदेव ने दूरभाष के माध्यम से सूचना दी कि एक 10 वर्षीय बच्ची को उसके माता-पिता रात लगभग 11 बजे रिनपास अस्पताल के बाहर छोड़कर फरार हो गए हैं। सूचना मिलते ही डालसा सचिव ने तत्काल कार्रवाई करते हुए पीएलवी भारती शाहदेव एवं दीपक मुंडा को बच्ची की देखरेख के लिए नियुक्त किया तथा धर्मशाला के गार्ड को बच्ची को सुरक्षित धर्मशाला में रखने का निर्देश दिया।
अगले दिन सुबह चाइल्ड हेल्पलाइन टीम, डीसीपीओ एवं चाइल्ड वेलफेयर कमेटी (सीडब्ल्यूसी) को सूचना दी गई। इसके बाद बच्ची को रिनपास ओपीडी में ले जाकर तत्काल इलाज और आवश्यक दवाएं उपलब्ध कराई गईं। व्यवहार न्यायालय की एंबुलेंस एवं चाइल्ड हेल्पलाइन के सदस्यों के सहयोग से बच्ची को सीडब्ल्यूसी के समक्ष प्रस्तुत किया गया, जहां उसे सुरक्षित शेल्टर में रखने का निर्देश दिया गया। डालसा सचिव ने रिनपास के निदेशक से मुलाकात कर सीसीटीवी फुटेज उपलब्ध कराने का अनुरोध किया, ताकि बच्ची को छोड़ने वाले माता-पिता की पहचान हो सके। इसके साथ ही कांके थाना प्रभारी को भी पूरे मामले की विधिवत जानकारी दी गई। डालसा सचिव ने आम नागरिकों से अपील की कि यदि कहीं भी इस प्रकार के लावारिश बच्चों की जानकारी मिले, तो तुरंत नालसा हेल्पलाइन नंबर 15100 या डालसा कार्यालय को सूचित करें। फिलहाल बच्ची की देखरेख, बेहतर इलाज और दवाओं की व्यवस्था की जा रही है तथा माता-पिता की तलाश जारी है।
