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नाबालिग की अश्लील तस्वीर व वीडियो वायरल करने की धमकी देने वाले तीन आरोपियों को हाई कोर्ट ने दी जमानत

Devesh Ananad
By Devesh Ananad On 10 Aug, 2020
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रांची। गढ़वा की रहने वाली नाबालिग की अश्लील तस्वीर व वीडियो बनाकर इंटरनेट पर डालने की धमकी देने व साठ लाख रुपये की मांग करने वाले तीन आरोपियों की जमानत पर झारखंड हाई कोर्ट में सुनवाई हुई। दोनों पक्षों बहस सुनने के बाद जस्टिस आर मुखोपाध्याय की अदालत ने मोहम्मद आशिफ आलम, मोहम्मद कैश और मोहम्मद राजा मंसूर को जमानत की सुविधा प्रदान कर दी। अदालत ने तीनों को दस-दस हजार रुपये के निजी मुचलके पर रिहा करने का आदेश दिया है।

सुनवाई के दौरान आरोपियों के अधिवक्ता अनुराग कश्यप ने अदालत को बताया कि इस मामले में पीड़िता ने धारा 164 के तहत निचली अदालत में अपना बयान दर्ज कराया है। इसमें पीड़िता ने सिर्फ मो कैश द्वारा तस्वीर लेने की बात कही है। इसमें कहीं भी अश्लील तस्वीर या वीडियों लेने की बात नहीं कही गई है। इसके साथ ही पीड़िता ने अपने बयान में कहा है कि मो कैश द्वारा ली गई तस्वीर कोर एडिट किया गया है। ऐसे में उक्लत ड़की की अश्लील तस्वीर नहीं मानी जाएगी, क्योंकि शरीर दूसरे का है। अनुराग कश्यप ने कहा कि पीड़िता की तस्वीर व वीडियो को इंटरनेट पर वायरल होने का कोई साक्ष्य नहीं है और दोनों पक्षों में पहले ही समझौता हो चुका है। ऐसे में उन्हें जमानत की सुविधा मिलनी चाहिए। इसे बाद अदालत ने तीनों को जमानत प्रदान कर दी।

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जानिए पूरा मामला


अधिवक्ता अनुराग कश्यप के अनुसार गढ़वा के भडरिया थाने में पीड़िता के पिता ने मार्च 2020 को एक प्राथमिकी दर्ज करायी इसमें कहा गया था कि उनके मोबाइल पर मो कैश ने उनकी नाबालिग बेटी की अश्लील तस्वीर व वीडियो भेजा। इसके बाद ब्लैकमेल करते हुए उनसे साठ लाख रुपये की मांग की गई। कहा ऐसा नहीं करने पर इस तस्वीर को वायरल दिया जाएगा। इसके बाद पांच लाख रुपये देने की सहमति बनी। पीड़िता के पिता ने आरोपी को पैसे लेने के लिए बुलाया। मौके पर पहुंचने पर कई लोगों ने आरोपियों को घेर लिया और जमकर धुलाई कर दी। हालांकि बाद में दोनों पक्षों में समझौता हो गया, लेकिन निचली अदालत ने इस मामले में लगी संगीन धाराओं को देखते हुए जमानत देने से इन्कार कर दिया।

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देवेश आनंद को पत्रकारिता जगत का 15 सालों का अनुभव है। इन्होंने कई प्रतिष्ठित मीडिया संस्थान में काम किया है। अब वह इस वेबसाइट से जुड़े हैं।

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