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Heavies Corpus: चैता बेदिया के बेटी का हालचाल जानेंगे न्यायिक दंडाधिकारी, हाईकोर्ट ने मांगी पूरी रिपोर्ट

Devesh Ananad
By Devesh Ananad On 07 Sep, 2021
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Jharkhand High Court
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Ranchi: Heavies Corpus झारखंड हाईकोर्ट के जस्टिस अपरेश कुमार सिंह व जस्टिस अनुभा रावत चौधरी की अदालत में अनगड़ा के एक ही परिवार के पांच लोगों के पुलिस द्वारा किसी अज्ञात स्थान पर ले जाने के मामले में सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान चैता बेदिया की ओर से कहा गया कि उन्हें अपनी बेटी से मिलने नहीं दिया जा रहा है।

इसपर अदालत ने इस मामले में बुधवार को रांची के न्यायिक दंडाधिकारी को बाल कल्याण समिति के यहां जाकर बच्ची के मानसिक स्थिति की जानकारी लेने का निर्देश दिया है। न्यायिक दंडाधिकारी और बच्ची के बातचीत की वीडियोग्राफी कराई जाएगी। न्यायिक दंडाधिकारी उसकी रिपोर्ट बाल कल्याण समिति को देंगे।

इसके बाद बाल कल्याण समिति पूरी रिपोर्ट हाईकोर्ट को सौंपेगी। अब इस मामले में नौ सितंबर को सुनवाई होगी। प्रार्थी चैता बेदिया ने झारखंड हाईकोर्ट में हैवियस कार्पस याचिका दाखिल कर अनगड़ा के एक परिवार के सदस्यों के पुलिस द्वारा उठा कर ले जाने और इसकी जानकारी नहीं देने का आरोप लगाया गया है।

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अदालत से परिजनों को कोर्ट के समक्ष पेश करने का आग्रह किया है। बेदिया ने आरोप लगाया है कि कुछ पुलिसकर्मी उसके घर पहुंचे और उनके पिता शिवाली बेदिया, बहन पुष्पमनी, पत्नी सुपोती देवी, और उसके दो बच्चों को जबरन अपने साथ ले गए। जिस समय पुलिस उनके घर पहुंची उस समय वह घर में नहीं था।

पुलिस ने परिजनों को उठाने का कोई कारण नहीं बताया है और सभी लोग अभी कहां हैं इसकी जानकारी भी नहीं दी जा रही है। याचिका प्रार्थी ने कहा है कि उन्हें पता चला है कि बाबूलाल मरांडी के सलाहकार सुनील तिवारी के खिलाफ गलत मामला दर्ज करने के लिए परिजनों को उठाया गया है।

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उनके खिलाफ फर्जी मामला दर्ज किया गया है। प्रार्थी का कहना है कि सुनील तिवारी के घर पर रह कर उनके भाई ने पढ़ाई की है और वह अभी चेन्नई में नौकरी कर रहा है। उसकी पढ़ाई का खर्च भी सुनील तिवारी ने ही वहन किया था।

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देवेश आनंद को पत्रकारिता जगत का 15 सालों का अनुभव है। इन्होंने कई प्रतिष्ठित मीडिया संस्थान में काम किया है। अब वह इस वेबसाइट से जुड़े हैं।

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