Ranchi News: झारखंड हाईकोर्ट ने भारत कोकिंग कोल लिमिटेड (BCCL) और धनबाद के सरायढेला निवासी तपेश्वर सिंह के बीच चल रहे भूमि विवाद मामले में एक महत्वपूर्ण निर्णय दिया है। न्यायमूर्ति संजय कुमार द्विवेदी की अदालत ने सी.एम.पी. संख्या 691/2024 पर सुनवाई करते हुए धनबाद के प्रधान जिला जज द्वारा सिविल मिसलेनियस अपील संख्या 37/2017 में 7 अगस्त 2023 को पारित आदेश को रद्द कर दिया है। साथ ही, अदालत ने मामले की अपील को पुनर्जीवित (restore) करते हुए इसे नए सिरे से सुनवाई करने का निर्देश दिया है।
मामले की मुख्य बातें:
जमीन की खरीद और म्यूटेशन: याचिकाकर्ता तपेश्वर सिंह ने 30 दिसंबर 2004 को मौजा-सरायढेला (खाता संख्या 90, प्लॉट संख्या 84, रकबा 11 डिसमिल) की जमीन एक रजिस्टर्ड सेल डीड के जरिए खरीदी थी, जिसका म्यूटेशन (दाखिल-खारिज) भी राज्य सरकार के यहां हो चुका था। इसके बाद माडा (MADA) द्वारा मकान निर्माण के लिए नक्शा भी पास किया गया था।
बीसीसीएल का अतिक्रमण का आरोप: बीसीसीएल (BCCL) द्वारा यह दावा किया गया कि उक्त भूमि भू-अर्जन वाद संख्या 7/65/66 के तहत अधिग्रहित क्षेत्र के अंतर्गत आती है और याचिकाकर्ता ने उस पर अतिक्रमण किया है। एस्टेट ऑफिसर (Estate Officer) ने 22 जून 2017 को याचिकाकर्ता के खिलाफ अतिक्रमण का आदेश पारित किया था।
हाईकोर्ट की टिप्पणी: हाईकोर्ट ने पाया कि निचली अदालत (अपीलीय अदालत) ने अपने आदेश में यह गलत टिप्पणी की थी कि याचिकाकर्ता ने अपने पक्ष में कोई दस्तावेज दाखिल नहीं किया है। जबकि रिकॉर्ड के अनुसार याचिकाकर्ता ने सेल डीड, म्यूटेशन ऑर्डर, रेंट रसीद और माडा के नक्शे जैसे तमाम दस्तावेज एस्टेट ऑफिसर के समक्ष पेश किए थे। अदालत ने कहा कि जब प्लॉट संख्या 84 का कुल रकबा 44 डिसमिल है और बीसीसीएल ने पूरी जमीन का अधिग्रहण नहीं किया है, तो जमीन की सही पैमाइश (माप) और दस्तावेजों की अनदेखी नहीं की जा सकती।
अदालत का निर्देश:
हाईकोर्ट ने सिविल मिसलेनियस अपील संख्या 37/2017 को प्रधान जिला जज, धनबाद की अदालत में बहाल कर दिया है। अदालत ने निर्देश दिया है कि दोनों पक्ष (याचिकाकर्ता और बीसीसीएल) आगामी 5 अक्टूबर 2026 को सुबह 10:30 बजे संबंधित निचली अदालत में पेश हों। अपीलीय अदालत जरूरत पड़ने पर सक्षम प्राधिकारी के माध्यम से दोनों पक्षों की मौजूदगी में जमीन की पैमाइश करवाकर दस्तावेजों के आधार पर मामले का नए सिरे से निपटारा करेगी।

