Ranchi News: Jharkhand High Court में ईडी अधिकारियों के खिलाफ एससी-एसटी एक्ट के तहत दर्ज प्राथमिकी को निरस्त करने की मांग वाली याचिका पर बुधवार को सुनवाई हुई। Justice A.K. Choudhary की अदालत ने प्रतिवादी की ओर से जवाब दाखिल करने के लिए समय मांगे जाने पर एक हजार रुपये का जुर्माना लगाया। अदालत ने निर्देश दिया कि यह राशि Jharkhand State Legal Services Authority (झालसा) में जमा की जाए। साथ ही जवाब दाखिल करने की अनुमति देते हुए मामले की अगली सुनवाई चार सप्ताह बाद तय की गई है।
🔹 क्या है मामला
यह याचिका ईडी के तत्कालीन अधिकारियों कपिल राज, देवव्रत झा सहित अन्य की ओर से दाखिल की गई है, जिसमें Hemant Soren द्वारा दर्ज कराई गई प्राथमिकी को रद्द करने की मांग की गई है। हेमंत सोरेन ने 31 जनवरी को रांची के एससी-एसटी थाने में ईडी अधिकारियों—कपिल राज, देवव्रत झा, अनुपम कुमार, अमन पटेल समेत अन्य अज्ञात के खिलाफ मामला दर्ज कराया था।
🔹 क्या हैं आरोप
शिकायत में कहा गया है कि ईडी अधिकारियों ने उन्हें 29 से 31 जनवरी तक रांची में रहने को कहा, जबकि इसी दौरान उनकी अनुपस्थिति में दिल्ली स्थित आवास पर बिना पूर्व सूचना के छापेमारी की गई। हेमंत सोरेन ने आरोप लगाया कि इस कार्रवाई से उन्हें मानसिक और सामाजिक रूप से प्रताड़ित किया गया। साथ ही केंद्रीय एजेंसी पर मीडिया के जरिए भ्रम फैलाकर उनकी छवि खराब करने का आरोप भी लगाया गया है।

