रविवार, 27 सितम्बर 2026

COURT NEWS

Court News, High Court News, Supreme Court News

COURT NEWS
ब्रेकिंग न्यूज़
HC News: BOI बैंक मैनेजर को मिली बड़ी राहत, HC ने कहा- सजा बहुत कठोर, दो वेतन वृद्धि रहेगी रोक Court News: रांची सिविल कोर्ट का बड़ा फैसला: 76 लाख के चेक बाउंस मामले में अपील खारिज, प्रमोद कुमार सिन्हा की सजा और 1.10 करोड़ का जुर्माना बरकरार SC News: पूछताछ व जांच में सहयोग के लिए Whatsapp पर नोटिस मान्य नहीं, SC ने कहा आरोपी तक पहुंचे पुलिस HC News: फैसला: पेट्रोल पंप डीलरशिप रद्द करने के IOCL के फैसले पर मुहर, संजय कुमार दुबे की अपील खारिज HC News: हाईकोर्ट से बड़ी राहत: दो दशक पुराने पारिवारिक विवाद में सुलह के बाद अपील मंजूर, धारा 498-A के तहत सुनाई गई सजा रद्द HC News: ₹50 हजार का जुर्माना माफ, हाईकोर्ट ने कहा- बार एसोसिएशन के कर्मचारियों को खिलाएं समोसा-चाय
high court news

सेक्स की सहमति मतलब निजी पलों को रिकॉर्ड या सोशल मीडिया पर पोस्ट करना नहीं, दिल्ली HC ने आरोपी को नहीं दी राहत

24 Jan 2025, 08:55 AM • 2 मिनट का पाठ • 1 बार देखा गया

दिल्ली हाईकोर्ट ने यौन संबंध से जुड़े मामले में एक अहम फैसला दिया है। कोर्ट ने कहा कि यौन संबंध बनाने की सहमति देने का मतलब निजी पलों को फिल्माने और उसे सोशल मीडिया पर पोस्ट करने की अनुमति नहीं देना नहीं है। जस्टिस न्यायमूर्ति स्वर्णकांता शर्मा ने रेप के आरोपी की जमानत याचिका खारिज करते हुए कहा कि सहमति निजी तस्वीरों के दुरुपयोग और शोषण की अनुमति तक विस्तारित (एक्सटेंड) नहीं है।

अदालत ने 17 जनवरी के फैसले में कहा, ‘भले ही शिकायतकर्ता द्वारा किसी भी समय यौन संबंधों के लिए सहमति दी गई हो, लेकिन ऐसी सहमति को किसी भी तरह से उसका अनुचित वीडियो बनाने और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर पोस्ट करने की सहमति के रूप में नहीं माना जा सकता। शारीरिक संबंधों में शामिल होने की सहमति किसी व्यक्ति के निजी पलों के दुरुपयोग या शोषण या अनुचित और अपमानजनक तरीके से उनके चित्रण तक विस्तारित नहीं है।’

See also  Ranchi/H Court: थैलेसीमिया पीड़ित बच्चों के इलाज पर हाई कोर्ट सख्त, राज्य सरकार से दो सप्ताह में रिपोर्ट तलब

मामले में रेप के आरोपी ने आरोप लगाया कि यह एक ऐसा मामला है जिसमें उसने महिला को कर्ज दिया था। कर्ज चुकाने में विफल रहने की वजह से उनके ‘लंबे समय से चले आ रहे दोस्ताना संबंध’ में खटास आ गई। आरोपी को किसी भी तरह की राहत देने से इनकार करते हुए अदालत ने कहा कि भले ही दोनों पक्षों के बीच शुरुआत में यौन संबंध सहमति से बने हों, लेकिन आरोपी के बाद के कृत्य ‘स्पष्ट रूप से जबरदस्ती और ब्लैकमेल’ पर आधारित थे।

कोर्ट ने आदेश में कहा, ‘पहला यौन संबंध सहमति से बनाया गया हो सकता है, लेकिन बाद के संबंध कथित तौर पर ब्लैकमेल पर आधारित थे, जिसमें आरोपी ने शिकायतकर्ता पर नियंत्रण करने के लिए निजी पलों के वीडियो का फायदा उठाया। वीडियो तैयार करने और उनका उपयोग शिकायतकर्ता के साथ छेड़छाड़ करने और उसका यौन शोषण करने में आरोपी की हरकतें प्रथम दृष्टया दुर्व्यवहार और शोषण की रणनीति को दर्शाती हैं, जो किसी भी प्रारंभिक सहमति से हुई बातचीत से परे है।’

See also  HC Court: हजारीबाग वन भूमि घोटाला: हाई कोर्ट से राजस्व कर्मचारी संतोष वर्मा को झटका, अग्रिम जमानत याचिका खारिज

देवेश आनंद को पत्रकारिता जगत का 15 सालों का अनुभव है। इन्होंने कई प्रतिष्ठित मीडिया संस्थान में काम किया है। अब वह इस वेबसाइट से जुड़े हैं।

अपनी राय / टिप्पणी दर्ज करें

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा।