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Land Scam: Hemant Soren से जुड़े मामले में कोर्ट ने चार्जशीट पर लिया संज्ञान, ED का जमीन कब्जा के लिए सिंडिकेट के काम करने का दावा

Devesh Ananad
By Devesh Ananad On 13 Jun, 2024
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Land Scam in Ranchi: पूर्व मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन (Hemant Soren) से जुड़े जमीन मामले में ईडी ने झामुमो नेता अंतु तिर्की सहित 10 आरोपियों पर ईडी कोर्ट में चार्जशीट दायर की गई। इस पर अदालत ने संज्ञान ले लिया है। अब इस मामले में आरोपियों की उपस्थिति के लिए समन जारी किया जाएगा। हालांकि सभी आरोपी जेल में ही हैं। चार्जशीट में फर्जी दस्तावेज बनाकर जमीन हड़पने की बात कही गई है। साथ ही एक पूरे सिंडिकेट के सक्रिय रहते हुए राशि के लेनदेन का भी जिक्र किया गया है।

आरोपियों में अंतु के अलावा राजस्व विभाग का कर्मचारी मनोज कुमार यादव, कोलकाता के रजिस्ट्रार ऑफ एश्योरेंस के दो कर्मचारी तापस घोष, संजीत कुमार, हजारीबाग कोर्ट में डीड राइटर मो इरशाद, प्रिय रंजन सहाय, विपिन सिंह, इरशाद अख्तर, अफसर अली, सद्दाम हुसैन शामिल हैं।

बता दें कि इस मामले में ईडी ने पहली चार्जशीट 30 मार्च को दायर की थी। तब पूर्व मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और बड़गाईं अंचल के गिरफ्तार राजस्व उपनिरीक्षक भानु प्रताप प्रसाद पर आरोपों से जुड़ी रिपोर्ट ईडी कोर्ट में प्रस्तुत की थी। इस मामले में नौ आरोपियों को गिरफ्तार किया था, जबकि एक आरोपी मनोज कुमार यादव को गिरफ्तार दिखाते हुए चार्जशीट में आरोपी बनाया था। ईडी ने चार्जशीट में सिंडिकेट सदस्यों के पास पैसे के लेनदेन के साक्ष्य मिलने की भी बात कही थी।

सद्दाम के यहां दो मिले थे प्लॉट के डीड फर्जी

ईडी ने जमीन की गड़बड़ी से जुड़े मामले में 13 अप्रैल 2023 को छापेमारी की थी। तब सद्दाम हुसैन के यहां डीड 3985/1940 मिले थे। जांच में यह बात सामने आई थी कि 1940 के फर्जी डीड के सहारे 6.34 एकड़ जमीन के पेपर बनाए गए। इस डीड के प्लॉट नंबर 989 के तहत आने वाली 84 डिसमिल और प्लॉट नंबर 996 के तहत आने वाली 32 डिसमिल जमीन पूर्व सीएम के कथित कब्जे वाली 8.86 एकड़ जमीन का हिस्सा हैं।

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इनके खिलाफ चार्जशीट

● अंतु तिर्की, झामुमो नेता ● मनोज कुमार यादव, सरकारी कर्मी ● तापस घोष, डीड सर्चर, रजिस्ट्रार ऑफ एश्योरेंस ● संजीत कुमार, कर्मी, रजिस्ट्रार ऑफ एश्योरेंस ● मो इरशाद, हजारीबाग कोर्ट कर्मी ● सद्दाम हुसैन ● विपिन सिंह ● प्रिय रंजन सहाय ● इरशाद अख्तर ● अफसर अली उर्फ अफसू खान, रिम्स कर्मी

4.83 एकड़ में भोक्ता की जगह घोषाल नाम की इंट्री

जमीन हड़पने वाले सिंडिकेट के सदस्यों ने डीड 3954 वर्ष 1974 के नाम पर बनायी थी। इसके जरिए गाड़ी मौजा के चेशायर होम रोड की 4.83 एकड़ जमीन के फर्जी दस्तावेज बनाए गए थे। रजिस्टर में जमीन के मूल रैयत का नाम जितुआ भोक्ता, पुत्र-तेतरा भोक्ता था, लेकिन इसे मिटाकर वहां समरेंद्र चंद्र घोषाल और जितेंद्र चंद्र घोषाल के नाम की इंट्री की गई थी। इसके बाद इन दोनों के नाम पर ही फर्जी डीड तैयार की गई थी। यह जमीन गैर मजरुआ खाते की थी, लेकिन घोषाल परिवार के नाम की इंट्री और फर्जी दस्तावेज तैयार कर इसे सामान्य खाते की जमीन बनाकर बेचने की तैयारी थी।

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100 करोड़ की जमीन के भी फर्जी दस्तावेज बनाए

ईडी की जांच में यह बात सामने आयी है कि बड़गाईं में हेमंत सोरेन के कथित कब्जे वाली 8.86 एकड़ जमीन के दो प्लॉट के फर्जी दस्तावेज सिंडिकेट ने बनाए थे। फॉरेंसिक रिपोर्ट में इसकी पुष्टि भी हो चुकी है। इसके अलावा कोलकाता के रजिस्ट्रार ऑफ एश्योरेंस के कर्मियों तापस घोष और संजीत कुमार की मिलीभगत से अफसर खान, प्रियरंजन सहाय, विपिन सिंह समेत अन्य आरोपियों ने कागजात जुटाए, इसके बाद हजारीबाग के डीड राइटर मो इरशाद की मदद से फर्जी दस्तावेज बनाकर चेशायर होम रोड की 4.83 एकड़ जमीन हड़पने की साजिश रची।

इस जमीन का सरकारी मूल्य 22.61 करोड़, जबकि बाजार मूल्य 100 करोड़ से अधिक है। ईडी अब इस जमीन को जब्त करने की कार्रवाई करेगी। ईडी ने जांच में पाया है कि फर्जी दस्तावेज बनाने के बदले सिंडिकेट के सदस्यों द्वारा तापस के खाते में 21 लाख रुपये से अधिक की राशि डाली गई थी।

फर्जी डीड के लिए इरशाद ने उपलब्ध कराया था ब्लैंक पेपर

ईडी ने कोर्ट में बताया है कि बरियातू के मोहम्मद इरशाद ने फर्जी डीड तैयार करने के लिए कोलकाता के रजिस्ट्रार आफ एश्योरेंस का ब्लैंक पेपर उपलब्ध कराया था। इसी ब्लैंक पेपर पर जालसाज अफसर अली व सद्दाम ने हेराफेरी की थी। आरोपितों ने चेशायर होम रोड की 4.83 एकड़ सीएनटी एक्ट की जमीन को भी फर्जी डीड से जेनरल बना दिया था।

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देवेश आनंद को पत्रकारिता जगत का 15 सालों का अनुभव है। इन्होंने कई प्रतिष्ठित मीडिया संस्थान में काम किया है। अब वह इस वेबसाइट से जुड़े हैं।

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