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बीसीआई ने देशभर के अधिवक्ताओं की मांगी विस्तृत जानकारी

Devesh Ananad
By Devesh Ananad On 02 Aug, 2020
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अधिवक्ता विजयकांत दुबे

सभी जिला और तालुका बार संघ को बीसीआई ने लिखा पत्र, सभी सदस्यों का विवरण निर्धारित प्रपत्र में सीधे बीसीआई को भेजना है

सुप्रीम कोर्ट की ई-कमेटी ने बार काउंसिल ऑफ इंडिया (बीसीआई) से देशभर की अदालतों में प्रैक्टिस करने वाले अधिवक्ताओं की सूची मांगी है। इसके लिए बार काउंसिल ऑफ इंडिया ने देश के सभी राज्य बार काउंसिल को अपने-अपने राज्यों में प्रैक्टिस करने वाले अधिवक्ताओं की सूची उनके विस्तृत ब्यौरा के साथा मांगा था।

कुछ राज्यों ने बार काउंसिल ऑफ इंडिया को ऐसी सूची प्रदान की है। वहीं, कुछ राज्यों ने अब तक यह सूची प्रदान नहीं की है। जिन राज्य बार काउंसिल ने अधिवक्ताओं की सूची भेजी है उनमें भी कई सारी कमियां मिली है। बीसीआई ने उन कमियों को दूर कर फिर से सूची भेजने का निर्देश दिया था पर अब तक निर्धारित प्रपत्र में प्रैक्टिस करने वाले अधिवक्ताओं की सूची बीसीआई को नहीं मिल पाई है। इसके कारण सुप्रीम कोर्ट की कमेटी को भी अधिवक्ताओं की सूची नहीं सौंपी जा सकी है।

ऐसे में बार काउंसिल ऑफ इंडिया ने देशभर के जिला बार संघ, तालुका बार संघ के अध्यक्ष सचिव को सीधे पत्र लिखकर उनके संघ के सदस्यों का विस्तृत ब्यौरा निर्धारित प्रपत्र में सीधे बीसीआई को भेजने का निर्देश दिया गया है। बार काउंसिल ऑफ इंडिया ने अपने पत्र के साथ एक प्रपत्र जारी किया है जिसमें अधिवक्ताओं के संबंध में विस्तृत विवरण दिए जाने का निर्देश है। जैसे अधिवक्ता का नाम, पता, फोन नंबर, व्हाट्सएप नंबर, ईमेल आईडी, इनरोलमेंट नंबर, प्रैक्टिस का स्थान, आवासीय पता व कार्यालय का पता आदि की जानकारी मांगी गई है। यह जानकारी सभी बार संघों को सीधे बीसीआई को ईमेल के माध्यम से भेजी जानी है। इसके लिए बार काउंसिल ऑफ इंडिया ने सभी बार संघों को पत्र मिलने के दिन से 15 दिन का समय प्रदान किया है।

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बार काउंसिल ऑफ इंडिया ने अपने पत्र में लिखा है कि ऐसा किया जाना इसलिए भी आवश्यक है कि मौजूदा कठिन परिस्थिति में या किसी भी स्थिति में यदि बार काउंसिल ऑफ इंडिया को अधिवक्ताओं से सीधे तौर पर संबंध स्थापित करने की आवश्यकता पड़े तो उसके पास सभी सूचनाएं मौजूद होनी चाहिए। बार काउंसिल ऑफ इंडिया ने अपने पत्र में यह भी कहा है कि सभी जिला और तालुका बार संघ अपने सदस्यों से ईमेल या व्हाट्सएप के माध्यम से आवश्यक सूचनाएं मांग ले और उसे इकट्ठा कर सीधे बार काउंसिल ऑफ इंडिया को ईमेल के माध्यम से भेज दे। बार काउंसिल ऑफ इंडिया इन सूचनाओं को सुप्रीम कोर्ट की कमेटी के पास भेज देगी।

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बार काउंसिल ऑफ इंडिया कोई ऐसा ग्रुप या ऐप बनाएगी जिससे वह सीधे तौर पर देश भर के अधिवक्ताओं से संपर्क स्थापित कर सके और यदि कोई महत्वपूर्ण सूचना या कोई दिशानिर्देश साझा करना हो तो उस सीधे तौर पर कर सकें।


बार काउंसिल ऑफ इंडिया ने अपने पत्र में यह भी कहा है कि अधिवक्ता यदि मांगी गई जानकारी निर्धारित प्रपत्र में नहीं देते हैं तो उन्हें नन प्रैक्टिसिंग एडवोकेट माना जाएगा।

लेखक झारखंड हाई कोर्ट के अधिवक्ता हैं। उनसे [email protected]। 7004574970, 9097822079 पर संपर्क किया जा सकता है।

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देवेश आनंद को पत्रकारिता जगत का 15 सालों का अनुभव है। इन्होंने कई प्रतिष्ठित मीडिया संस्थान में काम किया है। अब वह इस वेबसाइट से जुड़े हैं।

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