Jharkhand

HC News: झारखंड में पुलों के ध्वस्त होने के मामले में HC सख्त, 3 माह में जांच पूरी करें, नहीं तो देना होगा कारण

Devesh Ananad
By Devesh Ananad On 15 Oct, 2026
1 min read • 1.2k views
WhatsApp Group Join Now
Telegram Group Join Now
High court news
WhatsApp Group Join Now
Telegram Group Join Now

Ranchi News (HC News): झारखंड हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस एमएस सोनक और जस्टिस मनोज प्रसाद की अदालत ने राज्य में पुलों के ध्वस्त होने से जुड़े मामलों की लंबित पुलिस जांच तीन महीने के भीतर पूरी करने का निर्देश दिया है। अदालत ने धनबाद, पलामू और गुमला के पुलिस अधीक्षकों (एसपी) को संबंधित प्राथमिकी की जांच पूरी कर सक्षम न्यायालय में अंतिम रिपोर्ट दाखिल करने को कहा है।

वहीं, ग्रामीण विकास विभाग के सचिव को संबंधित अधिकारियों के खिलाफ लंबित विभागीय कार्यवाही भी तीन महीने में पूरी करने का निर्देश दिया गया है। अदालत ने एक दशक से अधिक समय तक जांच लंबित रहने पर नाराजगी जताते हुए स्पष्ट किया कि देरी होने पर संबंधित अधिकारियों को इसका कारण बताना होगा और वे व्यक्तिगत रूप से जवाबदेह होंगे।

खंडपीठ ने पंकज कुमार यादव की जनहित याचिका पर सुनवाई के बाद यह आदेश दिया। संबंधित अधिकारियों को निर्धारित अवधि समाप्त होने के बाद अनुपालन शपथपत्र भी दाखिल करना होगा।

भ्रष्टाचार और पुलों के ध्वस्त होने की जांच की मांग

याचिकाकर्ता ने धनबाद, खूंटी, पलामू और गुमला में पुलों के ध्वस्त होने के मामलों की नए सिरे से जांच कराने और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी। याचिका में तत्कालीन मुख्य अभियंता और वर्तमान प्रभारी अभियंता प्रमुख बीरेंद्र राम के खिलाफ जांच कराने तथा उन्हें पद से हटाने की मांग भी की गई थी। इसमें बीरेंद्र राम के भतीजे आलोक रंजन के पास से करीब 2.45 करोड़ रुपये नकद बरामद होने का मामला उठाते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की गई थी।

See also  Court News: रांची सिविल कोर्ट में 29 जून से बदल जाएगा समय, मॉर्निंग कोर्ट खत्म, अब डे सिटिंग में होगी सुनवाई

बीरेंद्र राम के मामले में ईडी की कार्रवाई

हाईकोर्ट ने कहा कि बीरेंद्र कुमार राम और अन्य आरोपियों के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने धनशोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत कार्रवाई की है। राज्य सरकार के शपथपत्र के अनुसार, 21 अप्रैल 2023 को अभियोजन शिकायत दाखिल की गई थी। विशेष अदालत ने 29 अप्रैल 2023 को इसका संज्ञान लिया था और मामला विचाराधीन है। ऐसे में ईडी को जांच करने का अलग निर्देश देने की आवश्यकता नहीं है।

कई मामलों में हो चुकी है कार्रवाई

राज्य सरकार ने अदालत को बताया कि पुलों के ध्वस्त होने के विभिन्न मामलों में विभागीय और तकनीकी जांच कराई गई है। धनबाद के निरसा में बराकर नदी पर वर्ष 2009 में पुल ध्वस्त होने के मामले में संबंधित अभियंता को निलंबित किया गया था। ठेकेदार के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर उसे दस वर्षों के लिए ब्लैकलिस्ट किया गया। बाद में वहां नया पुल बनाया गया।

See also  JPSC Exam News: 11वीं जेपीएससी परीक्षा का रास्ता साफ, मॉडल आंसर गलत होने का दावा करने वाली याचिकाएं खारिज

खूंटी के कर्रा प्रखंड में तजना नदी पर वर्ष 2015 में पुल क्षतिग्रस्त होने के मामले में भी अभियंता के खिलाफ विभागीय कार्यवाही शुरू की गई और ठेकेदार को ब्लैकलिस्ट किया गया। पलामू के डालटनगंज में कोयल नदी पर पुल ध्वस्त होने के मामले में तकनीकी जांच के बाद कार्रवाई की गई और नया पुल बनाया गया। वहीं, गुमला में वर्ष 2011 के दौरान पुलों को नुकसान पहुंचने पर तत्कालीन अधीक्षण अभियंता और 17 कनीय अभियंताओं को निलंबित किया गया था।

नई जांच की मांग खारिज, समय पर कार्रवाई का आदेश

अदालत ने कहा कि याचिकाकर्ता पूर्व की जांच में गंभीर खामियां साबित करने वाला ठोस साक्ष्य प्रस्तुत नहीं कर सके। इसलिए नए सिरे से व्यापक जांच और केंद्रीय एजेंसी से जांच कराने की मांग खारिज कर दी गई। हालांकि, खंडपीठ ने कहा कि आपराधिक जांच को एक दशक से अधिक समय तक लंबित रखना उचित नहीं है। संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत त्वरित न्याय का अधिकार जांच और सुनवाई के विभिन्न चरणों पर भी लागू होता है।

See also  Court News: शिक्षा अधीक्षक कमला सिंह के आय से अधिक संपत्ति मामले में लोकायुक्त को सुप्रीम कोर्ट ने फिर भेजा नोटिस

अदालत ने निर्देश दिया कि तीन महीने में जांच और विभागीय कार्यवाही पूरी की जाए। समय सीमा का पालन नहीं होने पर संबंधित अधिकारी अनुपालन शपथपत्र में देरी का स्पष्ट कारण बताएंगे। फैसले की प्रति 15 दिनों के भीतर मुख्य सचिव, ग्रामीण विकास विभाग के सचिव, संबंधित जिलों के एसपी और रांची की पीएमएलए विशेष अदालत के न्यायाधीश को भेजने का निर्देश भी दिया गया है।

Devesh Ananad

देवेश आनंद को पत्रकारिता जगत का 15 सालों का अनुभव है। इन्होंने कई प्रतिष्ठित मीडिया संस्थान में काम किया है। अब वह इस वेबसाइट से जुड़े हैं।

2,376 articles published
WhatsApp Group Join Now
Telegram Group Join Now
Devesh Ananad

Devesh Ananad

देवेश आनंद को पत्रकारिता जगत का 15 सालों का अनुभव है। इन्होंने कई प्रतिष्ठित मीडिया संस्थान में काम किया है। अब वह इस वेबसाइट से जुड़े हैं।

Leave a Comment