Ranchi News: नशीली दवाओं की अवैध तस्करी के एक गंभीर मामले में मंगलवार को अपर न्यायायुक्त देबाशीष महापात्रा की अदालत ने कड़ा फैसला सुनाते हुए दो महिलाओं समेत पांच अभियुक्तों को 10-10 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। इसके साथ ही अदालत ने सभी दोषियों पर एक-एक लाख रुपये का आर्थिक जुर्माना भी लगाया है। सजा पाने वाले अभियुक्तों में रानी, महिमा, करन सिंह, राजन कुचवादिया और आशीष शामिल हैं। अदालत ने पूर्व में 9 अक्टूबर को सुनवाई पूरी करते हुए इन सभी को दोषी करार दिया था। यह पूरा मामला एनडीपीएस (NDPS) अधिनियम की धारा 17/24 से जुड़ा हुआ है। मामले में एनसीबी के विशेष लोक अभियोजक अखौरी अंजनी कुमार ने पक्ष रखा था।
क्या था पूरा मामला:
अभियोजन पक्ष के अनुसार, यह घटना 26 फरवरी 2024 की है। रेलवे सुरक्षा पुलिस ने रांची रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म संख्या दो और तीन के पास बने फुट ओवरब्रिज पर दो महिलाओं और तीन युवकों को संदिग्धावस्था में घूमते हुए देखा था। सभी के पास भारी-भरकम बैग थे।
पुलिस को शक होने पर जब रोककर उनके बैगों की तलाशी ली गई, तो उनके पास से एक हजार से अधिक नशीली कफ सिरप की बोतलें बरामद हुईं। इतनी भारी मात्रा में प्रतिबंधित कफ सिरप ले जाने को लेकर वे पुलिस को कोई भी संतोषजनक जवाब नहीं दे पाए और न ही दवाओं की खरीद-फरोख्त से संबंधित कोई वैध दस्तावेज या कागजात प्रस्तुत कर सके। इसके बाद पुलिस ने एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर सभी को मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया था। अदालत में लंबी चली सुनवाई और साक्ष्यों के आधार पर दोष सिद्ध होने के बाद अब अदालत ने इन्हें यह सजा सुनाई है।

