– स्वास्थ्य कारणों का हवाला देकर पूर्व जस्टिस ने जताई थी असमर्थता, चीफ जस्टिस एमएस सोनक की खंडपीठ ने सुनाया आदेश – सरकार की ओर से दाखिल किया जा रहा है शपथपत्र, मामले की अगली सुनवाई 29 अक्टूबर को
Ranchi News: झारखंड हाईकोर्ट ने राजेंद्र आयुर्विज्ञान संस्थान (RIMS), रांची की गवर्निंग बॉडी की बैठकों में शामिल होने की जिम्मेदारी से पूर्व जस्टिस अमरेश्वर सहाय को मुक्त कर दिया है। चीफ जस्टिस एमएस सोनक और जस्टिस राजेश शंकर की अदालत ने उनके आवेदन पर विचार करते हुए यह आदेश पारित किया। अदालत के इस निर्देश के बाद अब रिम्स की गवर्निंग बॉडी पूर्व जस्टिस सहाय की मौजूदगी के बिना भी अपनी नियमित बैठकें आयोजित कर सकेगी।
क्या था पूर्व जस्टिस का पत्र?
पूर्व जस्टिस अमरेश्वर सहाय ने 28 जुलाई को हाईकोर्ट को एक पत्र भेजा था, जिसमें उन्होंने स्वास्थ्य एवं व्यक्तिगत कारणों का हवाला देते हुए रिम्स गवर्निंग बॉडी की बैठकों में आगे शामिल होने में असमर्थता व्यक्त की थी। हाईकोर्ट ने उनके द्वारा बताए गए कारणों को जायज मानते हुए उन्हें इस दायित्व से मुक्त करने का निर्णय लिया।
अपर मुख्य सचिव दाखिल कर रहे हैं शपथपत्र
मामले की सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से महाधिवक्ता ने अदालत को सूचित किया कि हाईकोर्ट द्वारा 30 जुलाई को दिए गए निर्देशों के अनुपालन में स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव की ओर से एक विस्तृत शपथपत्र (Affidavit) दाखिल किया जा रहा है।
महाधिवक्ता ने कोर्ट को आश्वासन दिया कि दाखिल किए जा रहे इस शपथपत्र की प्रति मामले में नियुक्त एमिकस क्यूरी (Amicus Curiae) और उपस्थित अन्य सभी अधिवक्ताओं को भी अध्ययन हेतु उपलब्ध करा दी जाएगी।
तमाम पक्षों की दलीलें सुनने के बाद चीफ जस्टिस की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने मामले की अगली सुनवाई के लिए 29 अक्टूबर की तिथि निर्धारित की है।

