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HC News: 100 करोड़ के मानहानि मामले में MS Dhoni को मद्रास हाई कोर्ट का नोटिस, 9 अक्टूबर तक जवाब दाखिल करने का आदेश

Devesh Ananad
By Devesh Ananad On 18 Sep, 2026
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Chennai: मद्रास उच्च न्यायालय ने गुरुवार (17 सितंबर 2026) को भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व भारतीय कप्तान महेंद्र सिंह धोनी को सेवानिवृत्त आईपीएस (IPS) अधिकारी जी. संपत कुमार की तीन नई याचिकाओं पर नोटिस जारी करते हुए 9 अक्टूबर 2026 तक अपना जवाब दाखिल करने का आदेश दिया है।

न्यायमूर्ति के. गोविंदराजन थिलाकवाड़ी ने इन याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए धोनी को अपना पक्ष रखने के लिए समय दिया और अगली सुनवाई नौ अक्टूबर तक के लिए स्थगित कर दी।

आईपीएस ने सट्टा का लगाया था आरोप

रिटायर्ड आईपीएस अधिकारी संपत कुमार ने एक निजी टेलीविजन डिबेट शो में आरोप लगाया था कि चेन्नई सुपर किंग्स के कप्तान एमएस धोनी 2013 की आईपीएल सीरीज के दौरान उपजे सट्टेबाजी विवाद में शामिल थे। इसके बाद, एमएस धोनी ने 2014 में मद्रास हाई कोर्ट में संपत कुमार के खिलाफ एक मामला दायर किया था, जिसमें उन्होंने दावा किया था कि इससे उनकी प्रतिष्ठा को ठेस पहुंची है और उन्होंने 100 करोड़ रुपये के हर्जाने की मांग की थी।

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अदालत ने इस लंबे समय से चल रहे मामले से जुड़े सीडी दस्तावेजों को लिखित रूप में बदलने का आदेश पहले ही दे दिया था। इसी के तहत, मद्रास उच्च न्यायालय ने पिछले साल फरवरी में धोनी को दस्तावेजों के अनुवाद और टाइपिंग की फीस के रूप में 10 लाख रुपये भुगतान करने का आदेश दिया था।

आईपीएस ने दाखिल की तीन याचिकाएं

इस स्थिति के बीच, सेवानिवृत्त आईपीएस अधिकारी संपत कुमार की ओर से मद्रास उच्च न्यायालय में 3 मुख्य हस्तक्षेप याचिकाएं दायर की गईं। उस याचिका में मांग की गई है कि अदालत द्वारा नियुक्त एडवर्टाइजिंग कमिश्नर जयश्री की उपस्थिति में धोनी के बयान दर्ज करने की प्रक्रिया की निगरानी के लिए एक न्यायिक अधिकारी की नियुक्ति की जानी चाहिए।

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इसके अलावा, गवाहों के लिए पूरी सुनवाई की वीडियो रिकॉर्डिंग करना अनिवार्य होना चाहिए। वीडियो रिकॉर्डिंग की प्रतियां उन्हें और अदालत द्वारा नियुक्त अधिकारी को प्रदान की जानी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि चूंकि धोनी एक प्रसिद्ध क्रिकेटर हैं, इसलिए उनकी गवाही किसी स्टार होटल या निजी स्थान पर नहीं की जानी चाहिए, और यह सुनवाई केवल अदालत परिसर या किसी सरकारी इमारत में ही आयोजित की जानी चाहिए।

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देवेश आनंद को पत्रकारिता जगत का 15 सालों का अनुभव है। इन्होंने कई प्रतिष्ठित मीडिया संस्थान में काम किया है। अब वह इस वेबसाइट से जुड़े हैं।

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