कोर्ट ने कहा- आदेश का हो चुका है अनुपालन; अंक कम होने पर खारिज हुई थी अभ्यर्थियों की दावेदारी
Ranchi News: झारखंड हाईकोर्ट ने राज्य के 14 जिलों के उपायुक्तों (डीसी) के खिलाफ दायर अवमानना याचिका पर सुनवाई करते हुए मामले की कार्यवाही को समाप्त (ड्रॉप) कर दिया है। न्यायमूर्ति राजेश शंकर की एकल पीठ ने प्रदुमन प्रसाद साहू एवं अन्य की ओर से दाखिल अवमानना याचिका (संख्या 269/2024) पर सुनवाई के बाद यह फैसला सुनाया।
क्या था मामला? चतरा जिले के सिमरिया निवासी प्रदुमन प्रसाद साहू, दिलीप कुमार, गोपाल साव और सुदीप कुमार गुप्ता ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर बोकारो, धनबाद, गिरिडीह, चतरा, कोडरमा, दुमका, पाकुड़, देवघर, साहिबगंज, जामताड़ा, गोड्डा, रामगढ़ और हजारीबाग सहित 14 जिलों के उपायुक्तों के खिलाफ अवमानना कार्रवाई शुरू करने की मांग की थी। याचिकाकर्ताओं का आरोप था कि हाईकोर्ट द्वारा W.P.(S) No. 1896/2022 में 17 अक्टूबर 2023 को दिए गए आदेश का संबंधित अधिकारियों ने जानबूझकर उल्लंघन किया है।
सरकार का पक्ष और कोर्ट का निर्णय सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से अधिवक्ता ने अदालत को बताया कि कोर्ट के 17 अक्टूबर 2023 के आदेश के अनुपालन में याचिकाकर्ताओं के आवेदनों और दावों पर पुनर्विचार किया गया। समीक्षा के दौरान पाया गया कि संबंधित श्रेणियों (कट-ऑफ) में अंतिम चयनित अभ्यर्थियों की तुलना में याचिकाकर्ताओं के अंक कम थे। इस वजह से सहायक शिक्षक के रूप में नियुक्ति के उनके दावों को नियमों के तहत खारिज कर दिया गया है।
अदालत ने सरकार द्वारा दाखिल शो-कॉज हलफनामे और अनुपालन रिपोर्ट को स्वीकार करते हुए माना कि पूर्व के आदेश का पालन कर लिया गया है। इसके साथ ही पीठ ने अवमानना याचिका को निष्पादित कर दिया। हालांकि, अदालत ने याचिकाकर्ताओं को यह स्वतंत्रता दी है कि यदि वे अस्वीकृति (री-कंसीडरेशन) के इस आदेश से असंतुष्ट हैं, तो वे कानून के तहत अन्य कानूनी विकल्प चुन सकते हैं।

