Ranchi: झारखंड हाईकोर्ट ने राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन (एनआरएचएम) की राशि के कथित गबन मामले में आरोपी प्रमोद कुमार सिंह उर्फ प्रमोद सिंह को जमानत देने से इनकार कर दिया है। अदालत ने धनबाद के एसीबी थाना में दर्ज मामले में आरोपी प्रमोद कुमार सिंह की जमानत याचिका खारिज कर दी।
4.16 करोड़ से अधिक के लेनदेन को माना अहम
हाईकोर्ट ने आरोपी के खिलाफ 4.16 करोड़ रुपये से अधिक की राशि के गबन से जुड़े सीधे आरोपों को महत्वपूर्ण माना। अदालत ने कहा कि मामले के कई महत्वपूर्ण गवाहों की गवाही अभी बाकी है। ऐसी स्थिति में आरोपी के बाहर आने पर गवाहों को प्रभावित किए जाने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।
6 फरवरी से जेल में है आरोपी
बचाव पक्ष की ओर से अदालत को बताया गया कि प्रमोद कुमार सिंह 6 फरवरी से जेल में हैं और मामले में दो मई को चार्जशीट दाखिल की जा चुकी है। इसलिए अब उन्हें हिरासत में रखकर पूछताछ की जरूरत नहीं है। बचाव पक्ष ने यह भी बताया कि आरोपी राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन में ब्लॉक अकाउंट मैनेजर के पद पर संविदा पर कार्यरत थे। राशि निकासी और वितरण की जिम्मेदारी मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी की थी।
6.97 करोड़ रुपये के गबन का आरोप
एसीबी की ओर से जमानत का विरोध करते हुए कहा गया कि केंद्र सरकार से राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन के तहत करीब 11 करोड़ रुपये से अधिक की राशि प्राप्त हुई थी। इसमें से करीब 6.97 करोड़ रुपये के गबन का आरोप है।
एसीबी ने अदालत को बताया कि गबन की राशि में से 4.16 करोड़ रुपये से अधिक आरोपी, उसके रिश्तेदारों और दोस्तों के बैंक खातों में ट्रांसफर किए गए। मामले की गंभीरता को देखते हुए राज्य सरकार की ओर से भी जमानत का विरोध किया गया। अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद आरोपी की जमानत याचिका खारिज कर दी।

