ACB Court News: अवैध बालू खनन में सहयोग के बदले मनचाही रकम देने का था आरोप, बचाव पक्ष की दलीलों से आरोपियों को मिला लाभ
Ranchi News: खूंटी में अवैध बालू खनन और कारोबार में सहयोग के बदले तत्कालीन एसडीओ सैयद रियाज अहमद को रिश्वत देने की पेशकश करने के मामले में रंजन यादव और निमरान खान को अदालत ने बरी कर दिया है।
एसीबी के विशेष न्यायाधीश ओंकार नाथ चौधरी की अदालत ने मामले में सुनवाई के बाद दोनों आरोपियों को बरी किया। बचाव पक्ष की ओर से अधिवक्ता प्रितांशु कुमार सिंह ने सुनवाई के दौरान मजबूती से पक्ष रखा।
ACB रिश्वत लेने को प्रूव नहीं कर। पाया
बचाव पक्ष की दलीलों का लाभ आरोपियों को मिला। मामले में सुनवाई के दौरान एसीबी की ओर से पांच गवाहों को प्रस्तुत किया गया था। लेकिन रिश्वत देने की पेशकश को साबित नहीं किया जा सका।
अभियोजन के अनुसार, घटना 24 मई 2022 की सुबह करीब 10:45 बजे की है। उस समय खूंटी के एसडीओ के आवास के मुख्य द्वार पर सिपाही अर्जुन पूजार ड्यूटी पर तैनात थे। इसी दौरान जेएच-01-सीएस-8694 नंबर के वाहन से दो व्यक्ति वहां पहुंचे।
एसडीओ से मिलने पहुंचे थे आरोपी
उन्होंने सिपाही को बताया कि एसडीओ ने उन्हें मिलने के लिए बुलाया है। इसके बाद सिपाही दोनों को एसडीओ के पास ले गया। आरोप था कि मुलाकात के दौरान दोनों ने खूंटी, तोरपा और रांची क्षेत्र में अवैध बालू खनन एवं कारोबार में शामिल होने की बात कही।
अवैध बालू कारोबार में सहयोग के लिए पैसे की पेशकश
उन्होंने इस का कारोबार में सहयोग और सहायता के बदले एसडीओ को मनचाही रकम देने की पेशकश की। अभियोजन के मुताबिक, इस पेशकश से नाराज एसडीओ ने दोनों को पुलिस के हवाले कर दिया था। इस मामले में एसडीओ के आवास पर तैनात सिपाही अर्जुन पूजार की लिखित शिकायत पर खूंटी थाना कांड संख्या 96/2022 दर्ज किया गया था।
बाद में यह मामला निगरानी कांड संख्या 14/2022 के रूप में दर्ज हुआ। आरोपियों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 448 और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 8 के तहत कार्रवाई की गई थी।

