Ranchi News: झारखंड हाईकोर्ट ने महिला पर्यवेक्षिका नियुक्ति मामले में अभ्यर्थियों को बड़ी राहत देते हुए झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) द्वारा उम्मीदवारी निरस्त करने के आदेश को रद्द कर दिया है। जस्टिस Deepak Roshan की अदालत ने आयोग को निर्देश दिया कि प्रभावित अभ्यर्थियों को नियुक्ति प्रक्रिया में शामिल किया जाए। मामला आकांक्षा कुमारी एवं अन्य अभ्यर्थियों की ओर से दायर याचिका से संबंधित था। याचिकाकर्ताओं की ओर से अदालत को बताया गया कि महिला सुपरवाइजर के 444 पदों के लिए जारी विज्ञापन में कहीं भी यह नहीं कहा गया था कि सोशियोलॉजी, साइकोलॉजी या होम साइंस में तीन वर्षीय ऑनर्स डिग्री अनिवार्य होगी। केवल इन विषयों में से किसी एक विषय के साथ स्नातक होना आवश्यक बताया गया था।
अभ्यर्थियों ने तर्क दिया कि उन्होंने इन विषयों के साथ स्नातक की पढ़ाई की है और दो वर्षों तक संबंधित विषय पढ़े हैं। इसके बावजूद दस्तावेज सत्यापन के दौरान उनकी उम्मीदवारी रद्द कर दी गई। अदालत ने याचिकाकर्ताओं की दलीलों को स्वीकार करते हुए कहा कि विज्ञापन और नियमावली में स्पष्ट शर्त नहीं होने के बावजूद उम्मीदवारी रद्द करना उचित नहीं है। कोर्ट के आदेश के बाद करीब 60 से 70 अभ्यर्थियों को राहत मिलने की संभावना है।

