Ranchi News: सिविल कोर्ट रांची की न्यायिक दंडाधिकारी प्रथम श्रेणी की अदालत ने 14 साल पुराने हाईकोर्ट परिसर में महिला अधिवक्ता से बदसलूकी मामले में आरोपी अधिवक्ता महेश तिवारी को दोषी करार देते हुए दो साल कैद की सजा सुनाई है। कोर्ट ने उसे IPC की धारा 354, 323, 341, 504 और 506 के तहत दोषी पाया। मामला 1 मई 2012 का है, जब हाईकोर्ट परिसर में महिला अधिवक्ता के साथ आरोपी ने अभद्र व्यवहार, मारपीट और धमकी दी थी। कोर्ट ने पाया कि आरोपी ने सार्वजनिक स्थल पर महिला की गरिमा को ठेस पहुंचाई।
सजा सुनाते हुए अदालत ने कहा कि आरोपी एक प्रैक्टिसिंग वकील होने के नाते अपने कृत्य के परिणामों से भली-भांति परिचित था, फिर भी उसने पेशेवर वातावरण की मर्यादा भंग की। कोर्ट ने इसे गंभीर अपराध मानते हुए कहा कि ऐसे मामलों में नरमी बरतना समाज के लिए गलत संदेश देगा। अदालत ने आरोपी को धारा 354 के तहत 2 वर्ष सश्रम कारावास और 10 हजार रुपये जुर्माना, धारा 506 में 1 वर्ष, धारा 323 व 504 में 6-6 माह तथा धारा 341 में 1 माह की सजा सुनाई है। सभी सजाएं साथ-साथ चलेंगी। कोर्ट ने प्रोबेशन ऑफ ऑफेंडर्स एक्ट का लाभ देने से इनकार करते हुए कहा कि महिला की गरिमा से जुड़े मामलों में कड़ी सजा जरूरी है, ताकि समाज में निवारक प्रभाव पड़े।
अदालत द्वारा आरोपी को अलग-अलग धाराओं में निम्न सजा और जुर्माना दिया गया है:
- धारा 354 IPC → 2 वर्ष साधारण कारावास + ₹10,000 जुर्माना
(जुर्माना नहीं देने पर 2 माह अतिरिक्त सजा) - धारा 323 IPC → 6 माह साधारण कारावास + ₹1,000 जुर्माना
(जुर्माना नहीं देने पर 15 दिन अतिरिक्त सजा) - धारा 341 IPC → 1 माह साधारण कारावास + ₹500 जुर्माना
(जुर्माना नहीं देने पर 3 दिन अतिरिक्त सजा) - धारा 504 IPC → 6 माह साधारण कारावास + ₹3,000 जुर्माना
(जुर्माना नहीं देने पर 15 दिन अतिरिक्त सजा) - धारा 506 IPC → 1 वर्ष साधारण कारावास + ₹5,000 जुर्माना
(जुर्माना नहीं देने पर 1 माह अतिरिक्त सजा)

