Ranchi News: झारखंड हाईकोर्ट ने राजेंद्र आयुर्विज्ञान संस्थान (रिम्स) स्थित डेंटल कॉलेज के प्राचार्य पद पर नियुक्ति के लिए जारी विज्ञापन को रद्द कर दिया है। जस्टिस आनंद सेन की अदालत ने स्पष्ट किया कि विज्ञापन में निर्धारित पात्रता शर्तें रिम्स नियमावली 2014 के प्रतिकूल हैं और इसलिए यह विज्ञापन वैधानिक रूप से अवैध है। अदालत ने कहा कि विज्ञापन संख्या 2971 (दिनांक 11 अक्टूबर 2025) में पोस्ट ग्रेजुएशन (एमडीएस) के बाद 25 वर्ष के अनुभव की शर्त लगाई गई थी, जबकि रिम्स नियमावली 2014 में केवल 25 वर्ष के व्यावसायिक अनुभव का प्रावधान है। नियमों में पोस्ट-ग्रेजुएशन के बाद अनुभव की कोई अनिवार्यता नहीं है। ऐसे में विज्ञापन के जरिए अतिरिक्त शर्त जोड़ना कानूनन गलत है।
कोर्ट ने साफ कहा कि किसी भी प्रशासनिक विज्ञापन के माध्यम से वैधानिक नियमों में संशोधन या नया शब्द जोड़ना स्वीकार्य नहीं है। नियम और विज्ञापन में टकराव की स्थिति में नियमों को ही प्राथमिकता दी जाएगी। न्यायालय ने यह भी स्पष्ट किया कि इस विज्ञापन के आधार पर की गई सभी अनुषंगी कार्रवाइयां स्वतः निरस्त मानी जाएंगी। राज्य सरकार और रिम्स की ओर से इस शर्त को मात्र “स्पष्टीकरण” बताया गया, लेकिन अदालत ने इस दलील को खारिज कर दिया। कोर्ट ने कहा कि किसी भी प्रकार का स्पष्टीकरण भी उसी वैधानिक प्रक्रिया से किया जाना चाहिए, जिससे मूल नियम बनाए गए हों। यह याचिका डॉ. एम.बी. जयप्रकाश द्वारा दायर की गई थी।

