Ranchi News: झारखंड हाईकोर्ट ने सामान्य स्नातक योग्यताधारी संयुक्त प्रतियोगिता (सीजीएल 2023) का रिजल्ट जारी करने की अनुमति दे दी है। अदालत ने झारखंड राज्य कर्मचारी चयन आयोग (जेएसएससी) को निर्देश दिया है कि वह परिणाम जारी करे और नियुक्ति की अनुशंसा शुरू करे। चीफ जस्टिस तरलोक सिंह चौहान और जस्टिस राजेश शंकर की खंडपीठ ने बुधवार को फैसला सुनाते हुए मामले में सीबीआई जांच की मांग को खारिज कर दिया और कहा कि यह मामला सीबीआई को सौंपने लायक नहीं है। कोर्ट ने जांच के लिए गठित एसआईटी को छह महीने के भीतर जांच पूरी करने का आदेश दिया। अदालत ने स्पष्ट किया कि जिन 10 अभ्यर्थियों को जांच में आरोपी बनाया गया है, उनका रिजल्ट जारी नहीं किया जाएगा। जांच के दौरान यदि अन्य किसी अभ्यर्थी की भूमिका संदिग्ध पाई जाती है तो उसका परिणाम भी रोका जाएगा और आयोग नियुक्ति अनुशंसा रद्द कर सकेगा।
सीजीएल परीक्षा 21 और 22 सितंबर 2023 को आयोजित हुई थी, जिसमें 3,04,769 अभ्यर्थी शामिल हुए थे और विभिन्न विभागों में 2025 पदों पर नियुक्ति के लिए परीक्षा ली गई थी। परीक्षा में गड़बड़ी के आरोप लगाते हुए प्रकाश कुमार और अन्य ने जनहित याचिका दायर कर परीक्षा रद्द करने तथा सीबीआई जांच की मांग की थी। याचिका में कहा गया कि पेपर लीक, प्रश्नों की पुनरावृत्ति और सील टूटे मिलने जैसी अनियमितताएं हुई थीं। वहीं, सरकार की ओर से महाधिवक्ता राजीव रंजन ने कहा कि जांच में पेपर लीक का कोई साक्ष्य नहीं मिला है। जेएसएससी ने भी बताया कि राज्यभर के 830 सेंटरों में सिर्फ तीन केंद्रों पर अनियमितता की आशंका मिली थी। अदालत ने सभी पक्षों को सुनने के बाद परिणाम जारी करने पर लगी रोक हटाने का आदेश दे दिया।

