12वीं रिजल्टः हाईकोर्ट ने चार सप्ताह में सीबीएसई को संशोधित रिजल्ट जारी करने का निर्देश दिया

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Jharkhand High Court

Ranchi: 12th Result झारखंड हाईकोर्ट में नवोदय विद्यालय के छात्रों के 12वीं के परिणाम में त्रुटि सुधार को लेकर दाखिल याचिका पर सुनवाई हुई। अदालत ने छात्रों को स्कूल के प्रिंसिपल के यहां आवेदन देने को कहा है। दो सप्ताह में प्रिंसिपल को इन छात्रों के परिणाम की जांच करनी और अगर अंक में गड़बड़ी हुई तो सुधार कर सीबीएसई को भेजना। प्रिंसिपल से मिली जानकारी के दो सप्ताह में सीबीएसई संशोधित परिणाम जारी करेगा।

जस्टिस राजेश शंकर की अदालत ने उक्त आदेश देते हुए छात्रों की याचिका को निष्पादित कर दिया। इसको लेकर प्रिंस कुमार और नौ छात्रों ने हाई कोर्ट में याचिका दाखिल की है। सुनवाई के दौरान प्रार्थियों के अधिवक्ता अमृतांश वत्स ने अदालत को बताया कि कोरोना काल में सीबीएसई के 12वीं की परीक्षा नहीं हुई है। विद्यालयों की अनुशंसा पर ही सीबीएसई ने परिणाम जारी किए हैं।

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बीआईटी मेसरा स्थित जवाहर नवोदय विद्यालय के नौ छात्रों का गणना से करीब दस प्रतिशत कम अंक मिला है। जबकि सीबीएसई के नियमानुसार दसवीं के 30 प्रतिशत, 11वीं के 30 प्रतिशत और प्री बोर्ड के 40 प्रतिशत अंक के आधार पर 12वीं का परिणाम जारी किया जाना है। ऐसे में सभी छात्रों को अपने अंक की जानकारी है। वहीं, सीबीएसई की ओर से जारी संकल्प में यह कहा गया है कि अगर किसी छात्र के परिणाम में कोई गड़बड़ी हुई है।

वह अपने विद्यालय के प्राचार्य के यहां आवेदन देगा। इस पर छात्रों ने भी अपने प्राचार्य के यहां आवेदन दिया, लेकिन उन्होंने लेने से इन्कार कर दिया। इसके बाद छात्रों की ओर से हाई कोर्ट में याचिका दाखिल की गई है। इसके बाद अदालत ने कहा कि सभी छात्र दो सप्ताह में अपने स्कूल के प्राचार्य के यहां आवेदन देंगे। प्राचार्य इसकी जांच करेंगे और अंक में संशोधन करते हुए इसे सीबीएसई को भेजेंगे। जिसके बाद संशोधित परिणाम जारी किया जाएगा।