Ranchi: सिविल कोर्ट रांची के अपर न्यायायुक्त की अदालत ने पुलिस की लापरवाही के कारण एक बार फिर आर्म्स एक्ट समेत अन्य आरोपों के संलिप्त आरोपी को बरी कर दिया है। इस बार सात साल पुराने मामले में लालपुर थाना के तत्कालीन सब-इंस्पेक्टर रमोद कुमार सिंह ने अदालत में आर्म्स एक्ट समेत अन्य आरोप में दर्ज प्राथमिकी को साबित करने नहीं पहुंचा। इतना ही मामले के अन्य पुलिसकर्मी व अन्य गवाह भी नहीं पहुंचा। अदालत ने एक नहीं दो-दो संबंधित थाना प्रभारी, एसएसपी रांची एवं डीजीपी को लेटर भेजकर गवाहों को प्रस्तुत करने का निर्देश दिया था। बावजूद सात साल पुराने में एक भी गवाह अदालत तक नहीं पहुंचा। जिसका लाभ आर्म्स एक्ट समेत अन्य आरोप में ट्रायल फेस कर रहा आरोपी लोअर बाजार के चडरी, लाइन टैंक रोड निवासी कन्हैया मंडल को मिला।
अपर न्यायायुक्त 7 की अदालत ने आरोपी को साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया। घटना को लेकर तत्कालीन लालपुर थाना प्रभारी ने 9 अक्तूबर 2018 को प्राथमिकी दर्ज की थी। मामले में अदालत ने फरवरी 2019 में आरोपी के खिलाफ आरोप तय किया। इसके बाद अदालत आरोपी पर लगे आरोप को साबित करने के लिए गवाहों को बुलाने को कहा। लेकिन एक भी गवाह अदालत तक नहीं पहुंचा। इसी मामले में दो आरोपी प्रमार्थी मिश्रा एवं बबलू राणा को बीते साल साक्ष्य के अभाव में बरी किया गया था। वहीं इसी मामले में नामजद मोहित कुमार वर्मा, प्रवेश कुमार, राजेश प्रसाद, नारायण उरांव व सुनील कच्छप से जुड़ा मामला लंबित है। मामला अभी भी उपस्थिति पर ही चल रहा है। लालपुर थाना टीम ने सभी को डैकती की योजना बनाते मोरहाबादी के फुटबॉल स्टेडियम के निकट पकड़ा था।